इंजीनियरिंग के बाद अधिकतर छात्रों का सपना मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब का होता है। इस ललक को अब स्टार्ट अप और उद्यमिता में बदलने पर फोकस होगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में यह सपना पूरा होगा बंगलूरू के सबसे पुराने इंजीनियरिंग कॉलेज बीएमएस के सहयोग से। तकनीक शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के तहत बीएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज विवि के इंजीनियरिंग विभाग का मेंटर बनाया गया है। मंगलवार को कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला, कोआर्डिनेटर डॉ. मनोज सिंह, विनय ऋषिवाला, यतेंद्र कुमार की टीम बंगलूरू गई और इंजीनियरिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर मंथन किया।
इन बिंदुओं पर अब होगा कार्य
- स्टार्ट अप और उद्यमिता की ललक छात्रों में जगाई जाएगी।
- ज्वाइंट रिसर्च प्रोजेक्ट, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम को बढ़ावा दिया जाएगा।
- छात्रों को स्मार्ट क्लास, मॉक कोर्स, ऑन लाइन कोर्र्सेज ज्वाइन करने पर वेटेज मिलेगा।
- कौन छात्र डिजिटल लर्निंग पर फोकस कर रहे हैं उनको प्रमोट किया जाएगा।
- कैंपस में प्लेटसमेंट एक्टिविटी बढ़ाई जाएगी।
- विवि के इंजीनियरिंग विभाग को एनबीए मूल्यांकन के लिए मदद मिलेगी ताकि यहां एमटेक कोर्स शुरू करने का रास्ता साफ हो सके।
- डाटा सेंटर बनाना जाएगा।