फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: तहसील सदर से 19, आंवला, बहेड़ी से सर्किल रेट पर कोई आपत्ति नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। छह साल बाद एक बार फिर प्रस्तावित सर्किल रेट लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस पर चार तहसीलों से गिनी-चुनी आपत्तियां मिली हैं, पर बहेड़ी और आंवला तहसील से कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं हुई। अब सुझावों पर मंथन हो रहा है।
विज्ञापन

बरेली में साल 2017 के बाद से सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसके पीछे राजनीतिक वजह बताई जा रही है। वहीं, साल 2020-2022 तक कोरोना महामारी के चलते कारोबार प्रभावित रहा। लिहाजा, सर्किल रेट न बढ़ाने को लेकर कारोबारी, उद्यमियों ने शासन स्तर पर अनुरोध पत्र भेजे थे। जिनका संज्ञान लेकर प्रस्तावित नई दरें प्रभावी नहीं हो सकीं। अबकी साल कोई अड़चन नहीं है। लिहाजा, सर्किल रेट की नई दरें प्रभावी होने के आसार जताए जा रहे हैं। 20 जुलाई को प्रस्तावित दरें जारी कर आपत्तियां मांगी गई थीं। इसमें तहसील सदर से सर्वाधिक 19 आपत्तियां मिलीं। इसमें कुछ इलाकों में सर्किट रेट बढ़ाने तो कुछ में स्थिर रखने का अनुरोध भी शामिल है। वेदप्रकाश सक्सेना की ओर से गाटा संख्या में त्रुटियां होने की आपत्ति पर सर्वे कराकर समस्या दूर कराने का आश्वासन दिया गया।
गरीब शक्ति दल के अध्यक्ष मनोज ने दिव्यांगों, महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट देने, सुनील सिंह ने बीसलपुर गांव की सड़क के दोनों ओर जमीनों के अलग-अलग रेट तय होने पर आपत्ति जताई। उन्हें नियमानुसार रेट निर्धारित होने की जानकारी दी गई।
विज्ञापन


45 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाने की मांग खारिज
आपत्ति निस्तारण के दौरान संजय सक्सेना, राजीव सक्सेना की ओर से सर्किल रेट 25 से 45 फीसदी तक बढ़ाने की मांग की गई थी। तर्क था कि छह साल में जमीनों के बाजार मूल्य काफी बढ़ चुके हैं। उन्हें नियमानुसार रेट बढ़ाने के बारे में बताया गया। तहसील सदर के गायत्रीपुरम, वीरसावरकर नगर में भी रेट बढ़ाने की मांग पर उन्हें 30 फीसदी दर पहले से ही बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई।

सघन आबादी वाले इलाकों में न बढ़ें सर्किल दरें
तहसील सदर के मेहंदी हसन ने शहर के सघन आबादी वाले इलाकों का सर्किल रेट नहीं बढ़ाने की मांग की है। उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। एआईजी स्टांप तेज सिंह यादव के मुताबिक छह साल से सर्किल दरें नहीं बढ़ी हैं। लिहाजा, इस साल प्रस्तावित दर लागू होने की उम्मीद है। अंतिम निर्णय कलक्टर को लेना है। नई दरें एक अगस्त से प्रभावी हो सकती हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें