बरेली। रोडवेज के अधिकारी बस अड्डे पर यात्री सुविधाओं को लेकर संजीदा नहीं हैं। भीषण गर्मी में भी पुराने बस अड्डे पर एक यात्री शेड में पंखे ही नहीं लगे हैं। पेयजल की भी व्यवस्था सुचारु नहीं है। तपते टिन शेड के नीचे यात्री पसीना बहाने को विवश हैं।
पिछले माह जनरथ बस में आग लगने की घटना के बाद जीएम टेक्निकल और रीजन के नोडल अधिकारी श्याम बाबू ने कई बार बरेली का दौरा किया। यात्री सुविधाओं में सुधार के निर्देश भी दिए थे। परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर ने भी बस अड्डों पर शीतल पेयजल, हवा व सफाई समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी स्थानीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
पुराना बस अड्डे पर रोज 12 से 15 हजार यात्रियों का आना-जाना होता है। सुविधाओं के अभाव में उनको काफी परेशानी होती है। पेयजल के नाम पर यात्रियों को ओवरहेड टैंक का गुनगुना पानी मिल रहा है।
समाजसेवी संस्थाओं ने दिए वाटर कूलर, रोडवेज नहीं करा रहा मरम्मत
बस अड्डे पर यात्रियों को शीतल जल मुहैया कराने के लिए समाजसेवी संस्थाओं की ओर से दो वाटर कूलर लगवाए गए थे। इन वाटर कूलरों के खराब होने के बाद रोडवेज के अधिकारियों ने उनको ठीक कराना भी जरूरी नहीं समझा। यात्री शेड में तीन स्थानों पर टंकियों से गर्म पानी आ रहा है। रोटरी क्लब की ओर से लगवाया गया वाटर कूलर भी खराब है। ऐसे में यात्री बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं।
वर्जन
पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। जो वाटर कूलर खराब हैं, उनको ठीक कराया जा रहा है। यात्री शेड में पंखों की कमी को दूर कराया जाएगा। - संजीव श्रीवास्तव, एआरएम बरेली डिपो