इस कारण आया रडार पर
भारत में इस्लामिक राज कायम करने का सपना देख रहे पाकिस्तानी कट्टरपंथियों की तरफ से चलाए जा रहे गजवा-ए-हिंद अभियान के कारण एनआईए अलर्ट मोड पर है। पुताई करने वाले तौहीद खान की सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा सक्रियता की वजह से वह एनआईए के रडार पर आया है।
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सोशल मीडिया पर उसके फॉलोअर की संख्या चार हजार से अधिक है। यूट्यूब चैनल किंग तौहीद खान के 658 सब्सक्राइबर्स हैं। उसकी दोस्ती कराची विवि के बीकॉम छात्र फैजान डोगर से है, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं।
गजवा-ए-हिंद अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। इसलिए एनआईए और एटीएस संदिग्ध लोगों की सोशल मीडिया पर गतिविधियों पर नजर रख रही है। सोशल मीडिया पर दोनों के बीच सीमित गतिविधि को देखकर माना जा रहा है कि फैजान से तौहीद की फोन पर बात हुई होगी, जिसके बाद ही एनआईए को तौहीद पर शक हुआ है।
टेरर फंडिंग से जुड़ चुका है बरेली का नाम
वर्ष 2020 में लखनऊ एटीएस ने बरेली शहर के कटघर इलाके से इनामुल हक को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह भी स्लीपिंग मॉड्यूल के तौर पर कश्मीरी और पाकिस्तानी कट्टरपंथियों के लिए काम करता था। टेरर फंडिंग से भी बरेली का नाम जुड़ चुका है। इसलिए एटीएस और एनआईए बरेली को लेकर सक्रिय हैं।
इस फेसबुक पेज को फॉलो कर रहा तौहीद
तौहीद के सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकार के विरुद्ध तो कई पोस्ट हैं, लेकिन देश विरोधी कोई गतिविधि देखने को नहीं मिली है। सुन्नी मुस्लिमों के पाकिस्तानी संगठन के फेसबुक पेज दावत-ए-इस्लामी को वह जरूर फॉलो कर रहा है और फैजान के संपर्क में था।