बरेली-सितारगंज हाईवे और रिंग रोड में भूमि अधिग्रहण के बदले अधिक मुआवजा देने के लिए रचा गया था खेल
बरेली। जांच में भूखंडों का अधिक मूल्यांकन किए जाने के मामले सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से सर्वे कर रही दो निजी फर्मों को नोटिस जारी किए हैं। उनकी ओर से जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी। बरेली-सितारगंज हाईवे और रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान भूखंडों का अधिक मूल्यांकन कर करीब 80 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है।
कमिश्नर और डीएम की ओर से गठित जांच कमेटियों ने इसकी पुष्टि की है। सीडीओ की जांच रिपोर्ट में तो स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि एनएचएआई की ओर से नामित कंसल्टेंसी फर्म साईं सिस्ट्रा ग्रुप एवं एसए इंफ्रास्ट्रक्चर पूर्ण रूप से दोषी हैं। इन फर्मों ने स्थानीय स्तर पर भू स्वामियों से सांठगांठ कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया। अपर आयुक्त प्रशासन की जांच में गवर्नमेंट अप्रूव्ड वैल्यूअर और निजी कंसल्टेंसी फर्म एसए इंफ्रास्ट्रक्चर को जिम्मेदार माना गया है। एनएचएआई के पीडी ने इन तथ्यों से मुख्यालय को अवगत कराया। इसके बाद ही मुख्यालय ने दोनों निजी फर्मों को नोटिस जारी किए गए हैं। अमर उजाला ब्यूरो