बरेली। रिंग रोड के दोनों हिस्सों के निर्माण की जिम्मेदारी अब एनएचएआई के बरेली खंड को मिल गई है। परियोजना जब बनी थी तब बरेली और बदायूं खंड को एक-एक हिस्से की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन जुलाई 2024 में परियोजना बदायूं को स्थानांतरित कर दी गई थी। अब 21 अगस्त को परियोजना बरेली खंड को फिर वापस की गई है।
बरेली को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए रिंग रोड प्रस्तावित किया गया है। परियोजना की अधिसूचना जारी हो गई है पर अभी निर्माण शुरू नहीं हुआ है, न ही जमीन का अधिग्रहण हुआ है। इसी बीच रिंग रोड के लिए सरनिया में हुए अधिग्रहण के मूल्यांकन को लेकर सवाल उठ गए हैं। यह मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। जिस जमीन का मूल्यांकन हुआ है, उसके लिए भी बजट नहीं मिल सका है। किसान भुगतान मांग रहे हैं। ब्यूरो
यह है परियोजना
1150 करोड़ रुपये लागत से फोरलेन आउटर रिंग रोड के लिए प्रस्ताव वर्ष 2021 में तैयार किया गया था। चौबारी मुस्तकिल से रजउपरसपुर तक 13 किलोमीटर और धंतिया से चौबारी मुस्तकिल तक 19.2 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। संवाद