बरेली। उच्च शिक्षण संस्थानों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक मानसिक स्वास्थ्य पर एक कमेटी स्थापित करने का निर्देश शासन स्तर से जारी किया गया था, लेकिन अब तक उच्च शिक्षण संस्थानों में इस कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में भी यही हाल है। यहां मानिसक स्वास्थ्य कमेटी कोरोना काल में बनाई गई थी जिसे वर्तमान में यही जिम्मेदारी दी गई, हालांकि समिति में एक वर्ष से मनोवैज्ञानिक ही नहीं है। जबकि इस समिति का सबसे महत्वपूर्ण अंग ही मनोवैज्ञानिक है जिसे विद्यार्थी अपनी बात कह सकें। जबकि विवि में पहले से क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट का पाठ्यक्रम संचालित है। वहीं मेंटल हेल्थ कोविड समिति के सदस्य अमित वर्मा ने बताया कि समिति में एक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं, जब विद्यार्थी हमारे पास आते हैं तो उन्हें सहायता की जाती है।