बरेली। नाथ कॉरिडोर के तहत बनाई गई सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल सकी। इसका एक हिस्सा धंस गया है। इससे जहां सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। क्षेत्रवासियों ने इसको लेकर आपत्ति जताते हुए शिकायतें भी की हैं।
शहर के सातों नाथ मंदिरों तक श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए नाथ कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। प्रथम चरण में 43.09 करोड़ की लागत से पीडब्ल्यूडी 15.64 किमी सड़कों का निर्माण करा रहा है। डेलापीर से डीडीपुरम और धर्मकांटा से त्रिवटीनाथ मंदिर तक सड़क का निर्माण पिछले माह ही पूरा हो गया था। शनिवार सुबह हुई बारिश के बाद धर्मकांटे के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि निर्माण के दौरान ही सड़क कई जगह से धंसने लगी थी। इसके बाद सीवर लाइन डालने का काम हुआ और दोबारा सड़क का निर्माण हुआ। अब फिर से सड़क धंस गई है। आईजीआरएस से लेकर नगर निगम के अधिकारियों से क्षेत्रवासियों ने इसकी शिकायत भी की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
निर्माण के समय ही सड़क धंसने लगी थी। इससे आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। मैंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। - देवू चटर्जी
सड़क धंसने से काफी परेशानी हो रही है। निर्माण के बाद से ही सड़क खराब होने लगी थी, अब तो एक हिस्सा धंस गया है। अधिकारी भी कार्रवाई नहीं करते। - अजय कुशवाह
नाथ कॉरिडोर की सड़क धंसने की सूचना नहीं है। मैं इसको स्वयं दिखवाता हूं। गुणवत्ता पर सवाल है तो उसकी जांच भी कराई जाएगी। - अभिनेश गंगवार, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी