बरेली। नकटिया नदी का जलप्रवाह अभी थमा नहीं है। बाढ़ खंड अधिकारी के मुताबिक बहेड़ी से गुजर रही नदी में सोमवार को 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नकटिया नदी का प्रवाह तेज है, लेकिन उफान पर नहीं है। सदर तहसीलदार ने सर्वे रिपोर्ट तैयार कर मुआवजा के लिए रिपोर्ट एडीएम एफआर को भेज दी है। करीब चार हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न होने से फसल बर्बाद हो गई।
वहीं जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित रहे मीरगंज, फरीदपुर, नबावगंज में राजस्व विभाग की टीम ने फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया है। किसानों से संपर्क कर प्रभावित फसल का रकबा दर्ज किया जा रहा है। एडीएम एफआर संतोष बहादुर सिंह के मुताबिक रिपोर्ट शासन को मुआवजा के लिए भेजी जाएगी। किसानों को बीमित फसल की सूचना कंपनी को देने को कहा है।
वर्ष 2023 में बाढ़ का प्रकोप नहीं रहा
रामगंगा नदी समेत अन्य सहायक नदियां उफनाने से बाढ़ के प्रकोप में रहे लोगों को अब राहत मिली है। बाढ़ खंड अधिकारियों के मुताबिक बीते वर्षों में आंशिक बाढ़ की स्थिति से तहसील सदर के सूदनपुर, मीरगंज कटरा के प्रेमपुर गौतारा, फरीदपुर के गोपालपुर, गोविंदपुर, गुर्जर गौटिया, भगवानपुर रूकमपुर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए थे। वर्ष 2023 में बाढ़ का प्रकोप नहीं रहा। लिहाजा, इन तट बंधों की मरम्मत का कार्य हुआ था। सूदनपुर तटबंध पर परक्यूपाइन (सीमेंट की तिपाई) के अलावा 174 जियो बैग लगाए गए थे। दावा है कि रामगंगा के उफनाने के बावजूद संवेदनशील माने जा रहे ज्यादातर गांव की सीमा तक पानी नहीं पहुंचा। जलस्तर और कम होने पर सर्वे होगा। ब्यूरो