नगर निगम आज बताएगा बभिया का विकल्प
- फोटो : Municipal Corporation will announce today's option
बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने को लेकर नगर निगम की कोशिश पर पानी फिर सकता है। डीएम सुरेंद्र सिंह का शपथ पत्र फाइल होने के बाद मंगलवार को हुई सुनवाई में एनजीटी की ओर से नगर निगम से पूछा गया है कि आप बरेली की समस्या का निस्तारण कैसे करेंगे ये बताएं। सुनवाई बुधवार 19 अप्रैल को फिर होगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में नगर निगम, जिलाधिकारी और समाज सेवा मंच की ओर से शपथ पत्र फाइल कर अपना- अपना पक्ष पेश किया गया है। निगम ने जहां बभिया को ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए अनुकूल बताया है वहीं समाज सेवा मंच के वकील की ओर से दायर आपत्ति में कहा गया है कि ट्रंचिंग ग्राउंड से पहले रामगंगा पर भी विचार कर लिया जाए तो बभिया से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही है। जिलाधिकारी के शपथ पत्र में बभिया को वेटलैंड और रामगंगा से नजदीक होने के कारण अनुपयुक्त बताया गया है। इस तरह बभिया पर आपत्ति और मजूबत हो गई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सभी आपत्तियों और पक्ष को देखते हुए निगम से कहा गया कि आप बरेली को समस्या से कैसे निजात दिलाएंगे अगर कोई प्लान है तो पेश करें। निगम की ओर से कहा गया कि पहले जिलाधिकारी ने हां की थी, अब न कर दी है। इस पर कहा गया है कि आदेश आपको लागू करवाना है कैसे कराएंगे यह बताएं। कोर्ट की सुनवाई बुधवार को भी होगी।डीएम के शपथ पत्र में बिंदुवार आपत्तियां गिनाने के साथ ही बभिया तक सड़क न होने का भी जिक्र है। इधर राजनीतिक स्तर पर भी बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड का विरोध हो रहा है। खास कर सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह और क्षेत्र के सांसद धर्मेंद्र कश्यप के मुखर विरोध के कारण यह तय माना जा रहा है कि यदि एनजीटी नगर निगम के तर्क मान भी ले तो ये मामला आगे बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में नगर निगम के वैकल्पिक स्थान ढूढना ही पड़ेगा। बहरहाल सब की नगर एनजीटी में बुधवार को होने वाली सुनवाई पर लगी है।