बरेली के बहेड़ी थाने में महिला सिपाही को लेकर आपस में ही सिपाहियों के बीच हुए बवाल व फायरिंग की घटना के बाद एसएसपी ने सिपाही इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया। साथ ही वहां के सीओ को भी हटा दिया। बहेड़ी थाना तब और चर्चा में आ गया जब पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी ने थाने के इंस्पेक्टर सतेंद्र भड़ाना को लेकर एडीजी स्थापना को पत्र लिखा।
सांसद ने अपने पत्र में लिखा है कि बहेड़ी उनके संसदीय क्षेत्र में आता है। यहां तैनात इंस्पेक्टर सतेंद्र भड़ाना का जनता के प्रति अच्छा व्यवहार नहीं है। इंस्पेक्टर जनप्रतिनिधियों, प्रधानों व नेताओं से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।
बात-बात पर उन्हें मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हैं। जो व्यक्ति थाने तहरीर लेकर जाता है उसे दो-तीन घंटे तक बैठाए रखते हैं। वहां की आम जनता इंस्पेक्टर से डरती है, दहशत में है। सांसद ने एडीजी को इंस्पेक्टर की जांच कराकर उनका बहेड़ी से तबादला करने के लिए कहा है।
महिला सहकर्मी को लेकर थाने में भिड़े दो सिपाही, फायरिंग, दो इंस्पेक्टर समेत पांच सस्पेंड
आपको बता दें कि बहेड़ी थाना में एक महिला सिपाही को लेकर में कई दिनों की तनातनी के बाद सोमवार रात दो सिपाहियों के बीच गोली चल गईं। दोनों सिपाहियों के अलावा एसएसपी ने इस घटना को छिपाने और कोई कार्रवाई न करने पर थाने में तैनात दोनों इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। सीओ को घटना की जांच का आदेश दिया गया है।
पुलिस अफसरों के मुताबिक थाना बहेड़ी में बतौर मुंशी तैनात सिपाही मोनू पांडेय के महिला सिपाही से काफी दिनों से नजदीकी संबंध थे। कुछ समय से थाने में ही तैनात सिपाही योगेश चाहल भी महिला सिपाही के पीछे पड़ गया था। दोनों के बीच कई दिनों से तनातनी चल रही थी। चार दिन पहले मोनू और योगेश के बीच महिला सिपाही के घर के बाहर ही मारपीट तक हो गई थी। यह घटना इंस्पेक्टर बहेड़ी सतेंद्र भड़ाना की जानकारी में भी आई लेकिन उन्होंने इसे रफादफा कर दिया।
सोमवार रात मोनू और योगेश के बीच थाने में ही झड़प हो गई। बात इतनी बढ़ी कि सिपाही मोनू ने एक दरोगा की ड्यूटी के बाद जमा की गई सरकारी रिवाल्वर से एक-एक कर दो गोलियां चला दीं। गोली किसी को लगी तो नहीं लेकिन इस घटना से थाने में हड़कंप मच गया। स्टाफ ने आननफानन थाने का गेट बंद कर सिपाही मोनू और योगेश को समझाकर अलग किया। इंस्पेक्टर सतेंद्र भड़ाना इस दौरान थाने में ही मौजूद थे लेकिन उन्होंने न सिपाहियों पर कोई कार्रवाई की न उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी।
रात में ही किसी और जरिये से एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह को थाना बहेड़ी भेजा। एसपी क्राइम ने थाने पहुंचकर रात दो बजे तक पुलिसकर्मियों से पूछताछ की और फिर पूरा वाकया एसएसपी को बताया। इसके बाद एसएसपी ने सिपाही मोनू पांडेय, योगेश चाहल और मनोज के साथ इंस्पेक्टर सतेंद्र भड़ाना और इंस्पेक्टर क्राइम अनिल कुमार को सस्पेंड कर दिया।