शाही। तीन दोस्तों की सड़क हादसे में मौत के बाद कस्बे में पूरे दिन मातमी माहौल रहा। बुधवार को तीनों के शवों को सुपर्द-ए-खाक किया गया तो हजारों आंखें तम हो गईं। लोग जनाजे में शामिल होने उमड़े तो वहां जाम के हालात बन गए। आधे से ज्यादा बाजार भी बंद रहा।
मंगलवार रात बरेली के होटल में साथी के जन्मदिन की पार्टी करके लौट रहे चार दोस्तों की कार सीबीगंज थाना क्षेत्र में मथुरापुर के नजदीक सामने से आ रहे मिनी ट्रक में घुस गई थी। हादसे में कामरान, ताजीम व सोनू उर्फ अदनान की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि, जुनैद घायल हो गया था। मोहल्ला नेहरू नगर निवासी कामरान का ही जन्मदिन था।
बुधवार सुबह से पोस्टमार्टम हाउस पर शाही के लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। इधर, दोस्तों के शव बुधवार दोपहर कस्बे में लाए गए तो मुख्य मार्ग तथा घरों के आसपास की गलियां महिला-पुरुषों व बच्चों से भर गईं। तीनों युवकों के जनाजे निकले तो बड़ी संख्या में लोग उनके आखिरी दीदार को पहुंचे।
चार बजे तीनों युवकों के शव को मुख्य तिराहे पर स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। यातायात नियंत्रित करने में पुलिस टीम के पसीने छूट गए। तीनों युवक शहर के प्रतिष्ठित परिवारों से जुड़े थे। इसलिए व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान पूरे दिन बंद रखे। जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार और राम बहादुर लोधी, अतहर हुसैन, जावेद हुसैन उर्फ सन्नी, बिलाल सकलैनी, राशिद रजा खान, रहीस अहमद, प्रिया रस्तोगी, नाजिम खान, आसिफ सिद्दीकी, भाजपा मंडल अध्यक्ष शिवम शर्मा, गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार शर्मा आदि संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।
स्कूलों में शोकावकाश
युवकों की मौत से बुधवार को कस्बे के प्रमुख स्कूल-कॉलेजों में शोक संवेदना व्यक्त कर आकस्मिक शोक अवकाश कर दिया गया। इनमें प्रताप इंटर कॉलेज, इरा इंटर कॉलेज, एमएच इंटर कॉलेज, समाजोत्थान पब्लिक स्कूल, ज्योति पब्लिक स्कूल, एसएस एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल रहे।
48 घंटे गहन निगरानी में रहेगा जुनैद
हादसे में केवल जुनैद की ही जान बच सकी। हालांकि, उसके दोनों पैर की हड्डियां व पसली टूट गई है। सिर में भी कई टांके आए हैं। जुनैद शहर के एक अस्पताल मेें आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों ने परिवार को 48 घंटे तक उसे गहन निगरानी में रखने की बात बताई है। कहा है कि इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।