बरेली में मां डांट से नाराज होकर मौसेरी बहनें ट्रेन से दिल्ली में रह रहीं अपनी मौसी के घर चली गईं। वहां मौसी का घर न मिलने पर बरेली आने वाली ट्रेन में बैठ गईं और भाई को फोन कर पूरी बात बता दी। पुलिस ने सोमवार को दोनों किशोरियों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पीलीभीत की रहने वाली एक महिला अपनी बेटी के साथ पांच अक्तूबर को नवाबगंज में रहने वाली अपनी बहन के घर आई थी। महिला की 15 साल की बेटी निशा और बहन की 17 साल की बेटी आयशा (दोनों के बदले नाम) को परिवार वालों ने किसी बात पर डांट दिया। इससे नाराज होकर दोनों ने दिल्ली में रहने वाली मौसी के घर जाने का फैसला कर लिया और ट्रेन से दिल्ली चली गईं। दोनों बेटियों के गायब होने पर घरवालों ने नवाबगंज थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। अगले दिन भी बेटियां के बारे में कोई खबर नहीं मिली तो परिवार वालों की चिंता बढ़ गई।
सात अक्तूबर को किशोरियों ने भाई को फोन करके दिल्ली से लौटने की जानकारी दी, तब परिवार वालों की जान में जान आई। पुलिस ने किशोरियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। समिति के सामने बयान में किशोरियों ने दिल्ली जाकर मौसी का घर ढूंढने और न मिलने पर बरेली लौटने की बात बताई। सोमवार को दोनों को परिजनों को सौंप दिया गया।