बरेली। आरोपी आदित्य उपाध्याय की मां मीरा शर्मा व भाई मानवेंद्र ने बीच में आकर कार्रवाई में खलल डालने की कोशिश की। दोनों ने बुलडोजर के सामने आत्महत्या करने की धमकी दी तो पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने दोनों को जीप में बैठाकर थाने भेजा तो रास्ते में मीरा शर्मा ने गाड़ी से कूदने की कोशिश की। तब पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें वहां से हटाया।
आदित्य की मां व उसके भाई के मौके पर पहुंचते ही हंगामा हो गया। सीओ तृतीय अनीता चौहान ने दोनों को देखा तो फोर्स लेकर दौड़ीं। उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। मीरा ने कहा कि उनके बेटे ने गलत किया है तो उसका सब कुछ तोड़ दो, लेकिन यह लॉन मेरे नाम पर है। मेरे पति मृत्यु से पहले परिवार की खुशहाली के लिए बनाकर गए थे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि बुलडोजर के सामने ही आत्महत्या कर लूंगी।
धक्कामुक्की के बीच महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़कर गाड़ी में बैठा लिया। उनके साथ आए छोटे बेटे मानवेंद्र को भी पुलिस ने पकड़ लिया। इस बीच गाड़ी चलते ही मीरा ने बाहर कूदने का प्रयास किया। तब गाड़ी रोककर पुलिस ने उन्हें अंदर किया और एक सिपाही को अलग से बैठाया गया। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज हुई। वहीं, पुलिस की गाड़ी में जाते हुए भी मीरा ने धमकी दी कि वह थाने में आत्महत्या करेंगी।
आरोप : हमें नोटिस नहीं दिया, दस्तावेज भी नहीं मांगे
मीरा शर्मा ने प्रशासन, पुलिस समेत बीडीए पर आरोप लगाया कि उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा गया। उनसे कागजात भी नहीं मांगे गए। अचानक ही टीम रिसॉर्ट को तोड़ने पहुंच गई। इसी पर प्रशासन के आलाधिकारियों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की। वह शांत नहीं हुईं तो उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया गया।
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संतरी व महिला इंस्पेक्टर को लगाई फटकार
मां-बेटे मौके पर पहुंचे तो अमला अलर्ट हो गया। इतने में नायब तहसीलदार का संतरी लाठी लेकर दौड़ पड़ा। इसको देख इज्जतनगर इंस्पेक्टर राधेश्याम संतरी पर बिफर पड़े। कहा कि इस हरकत से माहौल खराब करना चाहते हो। दूसरी ओर मीरा और मानवेंद्र को थाने भेजने के बाद सीओ ने महिला थाने की इंस्पेक्टर को फटकारा। दरअसल, मीरा को काबू करने के लिए सीओ पांच मिनट तक महिला पुलिसकर्मियों को बुलाती रहीं पर कोई नहीं आया। बाद में एक ट्रेनी महिला दरोगा आई तो कोई गाड़ी लेकर नहीं आया। इसमें 10 मिनट खराब हुए। इसी पर उन्होंने महिला थाने की इंस्पेक्टर से कहा कि अगर काम नहीं करना है तो अपनी ट्रेनी दरोगाओं को लेकर चली जाओ। संवाद