बरेली। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच मच्छरों का हमला तेज हो गया है। एक सप्ताह में मलेरिया के 400 मरीज मिले हैं। इनमें से 139 फेल्सीपेरम की चपेट में हैं। इस साल मलेरिया मरीजों का आंकड़ा 1800 के पार पहुंच गया है।
रोकथाम के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इधर, बारिश थमने के बाद मच्छरों की नर्सरी पनपेगी। अनदेखी से लोगों के मलेरिया, डेंगू के चपेट में आने की आशंका है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या 1,816 दर्ज हुई। इसमें विवैक्स के 1,617 और फेल्सीपेरम के 139 मरीज हैं। डेंगू के 32 मरीज हैं।
अतिसंवेदनशील सूची में दर्ज पांच ब्लॉक मीरगंज, शेरगढ़, फतेहगंज पश्चिमी, मझगवां, आलमपुर जाफराबाद, बिथरी चैनपुर में ही मलेरिया के 12 सौ मरीज हैं।
रिकॉर्ड के मुताबिक अब तक करीब डेढ़ सौ गांवों में मलेरिया का हमला हो चुका है। इसमें से सौ गांव अतिसंवेदनशील हैं। जिलाधिकारी ने नोडल अफसरों को निगरानी के निर्देश दिए हैं।
इधर, 72 घंटे से जारी बारिश शनिवार को थम गई। तालाब, पोखर, गड्ढे, खेत आदि भर गए हैं। ऐसे में मच्छरों के पनपने के अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक ने विभागीय गतिविधि के साथ लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। अमर उजाला ब्यूरो