बरेली। शहर में दो सौ से ज्यादा हाईड्रेंट हैं, लेकिन कई मकानों और बहुमंजिला भवनों की हद में छिप गए हैं। जरूरत पर इनको तलाशते रह जाएंगे। ऐसे में अब जलकल विभाग उनको चिह्नित करते हुए सूची भी तैयार कर रहा है। घरों में दबे-छिपे हाईड्रेंट दोबारा शुरू किए जाएंगे।
डेलापीर मंडी में अग्निकांड के बाद आढ़तियों ने पानी की व्यवस्था न होने का मुद्दा उठाया है। परिसर में बना ओवरहेड टैंक खराब होने से अग्निशमन दल को परेशान होना पड़ा। हालांकि, मंडी के पास स्थित हाईड्रेंट से काफी राहत मिली थी। जलकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शहर में दो सौ से अधिक हाईड्रेंट हैं। सिविल लाइंस, फायर स्टेशन के सामने, डीडीपुरम, राजेंद्रनगर, मॉडल टाउन, गांधी उद्यान, चौकी चौराहा, सर्किट हाउस चौराहा, सेटेलाइट पर बने हाईड्रेंट सक्रिय हैं। वहीं, जो हाईड्रेंट सक्रिय नहीं हैं, उनको चिह्नित कर दोबारा शुरू करने की कवायद की जा रही है।
जेई अजीत करेंगे जांच
जलकल विभाग के एक्सईएन सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि जेई अजीत को हाईड्रेंट की जिम्मेदारी दी गई है। एक सप्ताह में वह सभी हाईड्रेंट को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार करेंगे। इसमें यह भी दर्शाना होगा कि कितने हाईड्रेंट सक्रिय हैं और कितने बंद पड़े हैं? जिन मकानों और बहुमंजिला इमारतों ने हाईड्रेंट को अपनी जद में ले लिया है, उनकी भी सूची तैयार कर उच्चाधिकारियों के सामने मामले को रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। संवाद