बरेली। राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में बंदियों की संख्या क्षमता से दोगुना से भी अधिक है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
संप्रेक्षण गृह में आपराधिक मामलों में पकड़े गए किशोर रखे जाते हैं। सीडीओ जगप्रवेश और जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा ने संयुक्त रूप से सोमवार को दोपहर शहर के राजकीय संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। यहां पर 50 की क्षमता में 110 किशोर मिले। उनके टहलने और रहने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं था। मुख्य विकास अधिकारी शासन को इससे अवगत कराया।
नवाबगंज में संप्रेक्षण गृह के भवन के लिए जमीन मिलने की जानकारी दी गई है। अगर शासन से धन का आवंटन होता है तो पूरे जिले का संप्रेक्षण गृह नवाबगंज में बन जाएगा। सीडीओ के मुताबिक उन्होंने मिशन कंपाउंड और चौकी चौराहा स्थित निजी क्षेत्र के शेल्टर होम का निरीक्षण किया। ब्यूरो