फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन छत से नीचे आए तो आरोपी दूसरी गोली मारने के लिए तमंचे में कारतूस डाल रहा था। परिजनों को देखकर वह भाग गया। खून से लथपथ टिंकू जमीन पर पड़ा था। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक और हत्यारोपी अनुसूचित जाति के हैं।
पुलिस को देर रात तक नहीं हुई जानकारी
धर्मपाल का कहना है कि उनके भाई को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाया गया था। टिंकू को अस्पताल ले जाने के चक्कर में वह पुलिस को सूचना नहीं दे सके। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि घटना के संबंध में सूचना नहीं है। जानकारी जुटाई जा रही है। जिस पर आरोप लगाया जा रहा है, वह गांव में नहीं रहता है।