फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साबुन कारोबारी मौत मामले में बड़ा खुलासा: मौत तो तबीयत बिगड़ने से हुई...शव कार में छोड़ने से फंसी महिला मित्र

Fri, 23 Sep 2022 03:09 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

साबुन कारोबारी दीपक गांधी की मौत मामले में पुलिस ने महिला मित्र, उसके पति, दो नाबालिग बेटों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुकदमे से हत्या की धारा हटाकर गैर इरादतन में हत्या में तरमीम कर लिया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में साबुन कारोबारी दीपक गांधी की मौत तबीयत बिगड़ने से ही हुई थी। यह खुलासा उनकी महिला मित्र से पूछताछ के बाद पुलिस ने किया है। महिला मित्र का दोष इतना था कि उसने फंसने के डर से दीपक की मौत की किसी को खबर नहीं दी और लाश को उनकी कार में रखकर चिक्कर स्कूल के पास छोड़ दिया।
विज्ञापन


पुलिस ने महिला मित्र, उसके पति, दो नाबालिग बेटों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुकदमे से हत्या की धारा हटाकर गैर इरादतन में हत्या में तरमीम कर लिया है।

महानगर के सामने बन्नूवाल नगला जाने वाले रोड पर चिक्कर स्कूल के पीछे 20 सितंबर को साबुन कारोबारी जनकपुरी निवासी दीपक गांधी का शव उन्हीं की कार में बरामद हुआ था। वह 19 सितंबर से लापता थे। परिवार की ओर से मामले में 19 सितंबर की रात को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मान लिया था कि दीपक की मौत स्वाभाविक थी, क्योंकि पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई थी।
विज्ञापन


हालांकि जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया गया था। एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया और सीओ प्रथम श्वेता यादव ने कई सवाल सामने आने पर मामले की जांच शुरू कराई तो बृहस्पतिवार को पूरे मामले से पर्दा उठ गया।
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक 18 सितंबर की शाम दीपक ने अपनी महिला मित्र से से फोन पर बात की थी। इसके लगभग आधे घंटे बाद दीपक महिला मित्र के राजीव एन्क्लेव स्थित आवास पर पहुंचे थे। उस पर घर पर उनकी महिला मित्र के अलावा उसका पति, दो नाबालिग बेटे और एक युवती थी। पूछताछ के दौरान महिला मित्र ने बताया कि दीपक युवती के साथ दूसरे कमरे में चले गए। करीब 20 मिनट बाद युवती के चीखने की आवाज आई। महिला मित्र अपने पति के साथ कमरे में पहुंची तो युवती ने बताया कि दीपक की अचानक तबीयत खराब हो गई।

इन लोगों ने सोचा कि दीपक कुछ देर में उठ जाएंगे। इसके बाद दीपक को उठाने की कोशिश की, लेकिन न तो डॉक्टर को बुलाया और न दीपक के परिवार को सूचना दी। काफी कोशिश करने के बाद भी जब दीपक नहीं उठे तो मान लिया कि उनकी मौत हो चुकी है। फंसने के डर से इन लोगों ने शव को ठिकाने लगाने का षड्यंत्र रचा। दीपक के शव को कार में रखा और चिक्कर स्कूल के कार छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दीपक की महिला मित्र, उसके पति और युवती को जेल भेज दिया है, जबकि महिला मित्र के दोनों नाबालिग बेटों और उनके एक दोस्त को बाल सुधार गृह भेजा है।

बेटों के दोस्त ने चलाई कार
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि किसी को कार चलाना नहीं आती थी। इस वजह से दीपक की महिला मित्र ने अपने नाबालिग बेटों के दोस्त को फोन कर बुलाया। वही कार चलाकर चिक्कर स्कूल के पास ले गया था। महिला मित्र और उसका पति पिछली सीट पर दीपक के शव पकड़े बैठे रहे थे।

मोबाइल की कॉल डिटेल से महिला मित्र तक पहुंची पुलिस
प्रेमनगर पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर दीपक के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई तो पता चला कि दीपक के लापता होने से पहले उनकी महिला मित्र से बात होने का पता चला। इसके बाद ही दीपक उसके घर पहुंचे थे। वहीं उनके मोबाइल की लोकेशन बंद हुई थी। पुलिस ने जब शिकंजा कसा तो सब साफ हो गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें