बरेली। सुभाषनगर कैरगना निवासी एक युवती के पेट से बालों का दो किलो का गुच्छा निकला है। ट्राइकोलोटोमेनिया नामक मनोरोग से पीड़ित यह युवती पिछले 15 साल से अपने ही बाल नोंचकर खा रही थी। पांच साल से उसके पेट में दर्द हो रहा था। कहीं आराम नहीं मिलने पर जिला अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। शुक्रवार को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
31 वर्षीय युवती को पांच साल से पेट दर्द की तकलीफ थी। परिजनों के मुताबिक उन्होंने निजी अस्पतालों के चक्कर काटे। काफी रुपये भी खर्च कर डाले, लेकिन कहीं आराम नहीं मिला। आखिर में वे जिला अस्पताल पहुंचे। फिजीशियन को दिखाने पर उन्होंने सीटी स्कैन कराने का सुझाव दिया। तीन सौ बेड अस्पताल में निशुल्क जांच की गई तो अमाशय में गुच्छे जैसी चीज नजर आई। 22 सितंबर को चिकित्सकों ने उसे अस्पताल में भर्ती किया। 26 को ऑपरेशन कर पेट से बालों का गुच्छा निकाला। डॉक्टरों के पैनल में वरिष्ठ सर्जन डॉ. एमपी सिंह, डॉ. अंजली सोनी, डॉ. मुग्धा शर्मा, स्टाफ नर्स भावना, मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार, डॉ. प्रज्ञा माहेश्वरी शामिल रहीं। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक जिला अस्पताल में 25 वर्षों में ऐसा मामला पहले बार सामने आया है।
युवती की जारी रहेगी काउंसलिंग
मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार के मुताबिक मनोरोग का पता चलने पर उसकी काउंसलिंग की गई। युवती ने बताया कि 16 वर्ष की उम्र से वह बाल खाने लगी थी। इस वजह से पेट में बालों का गुच्छा बन गया था। डॉक्टर के मुताबिक ट्राइकोलोटोमेनिया मनोरोग से पीड़ित व्यक्ति अपने सिर के बाल नोंचकर खाने लगता है। फिलहाल, कुछ माह युवती की काउंसलिंग की जाएगी। परिजन को भी निगरानी के लिए कहा है। अमर उजाला ब्यूरो