बरेली। दो दिन की हड़ताल के बाद शुक्रवार शाम को महापौर के साथ हुई बैठक में सफाई कर्मचारियों की मांगें मान ली गई। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया। शनिवार से सफाई कर्मी काम पर लौटेंगे। इससे पहले दिन में सफाई कर्मियों ने नगर निगम परिसर में कूड़े से भरी गाड़ियां खड़ी करके धरना-प्रदर्शन किया।
नगर निगम में 15 वार्डों में तैनात 311 सफाई कर्मियों को बीते माह हटा दिया गया था। सफाई मजदूर संघ पिछले पांच दिनों से धरना-प्रदर्शन कर इसका विरोध कर रहा था। सफाई कर्मियों ने पहले नगर निगम में धरना-प्रदर्शन करके विरोध जताया लेकिन अधिकारियों के सुध न लेने पर बीते दो दिनों से सफाई कर्मियों ने शहर में सफाई व्यवस्था बंद कर हड़ताल कर दी। कूड़े से भरी गाड़ियां नगर निगम परिसर में खड़ा करके विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुक्रवार को भी दिनभर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान नेताओं ने शनिवार को आंदोलन और तेज करने की बात कही। शाम करीब साढ़े पांच बजे महापौर उमेश गौतम नगर निगम पहुंचे और सफाई कर्मियों को बातचीत के लिए बुलाया। करीब एक घंटे तक सफाई कर्मचारी नेता व महापौर के बीच बातचीत हुई। सफाई कर्मियों की तरफ से हटाए गए कर्मियों को पुन: वार्डों में भेजने की बात कही गई। जिसे मान लिया गया। इसके लिए नगर आयुक्त को एक पत्र लिखा गया। महापौर ने धरना स्थल पर आकर यह पत्र दिखाकर मांगें मान लेने की जानकारी दी। इसके बाद सफाई कर्मियों ने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया। बातचीत के दौरान महापौर के अलावा अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव व सफाई मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष विजय कुमार, महानगर अध्यक्ष राजेश कुमार, जिला महासचिव राजेंद्र कुमार, कमल किशोर इंजीनियर, दीपक वाल्मीकि, वेदप्रकाश वाल्मीकि आदि शामिल रहे।
महापौर उमेश गौतम ने सफाई कर्मियों के आरोपों को ठीक मानते हुए नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि वार्ड ठेके पर देने के कारण 311 कर्मचारियों को बगैर कोई नीति व विचार विमर्श किए हटाया गया है। इसलिए इन कर्मचारियों को स्थानांतरण तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया जाए तथा शासनादेश के अंतर्गत नीति बनाकर स्थानांतरण किया जाए। जरुरत पड़ने पर आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारी लिए जाएंगे। यह प्रस्ताव आगामी सदन की बैठक में लाया जाएगा।