थाना प्रभारी पर दिए थे कार्रवाई के निर्देश
थाना पुलिस के टालमटोल के रवैये को देखते हुए ही कोर्ट ने प्रेमनगर थाना प्रभारी को मौलाना का मददगार बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी एक दिन पहले दिया है। साथ मौलाना को गिरफ्तार कर पेश करने की जिम्मेदारी सीओ प्रथम संदीप कुमार सिंह को दी है। इसी क्रम में दिल्ली गई टीम वहां मौलाना के संभावित पतों पर जाएगी।
मौलाना की सुरक्षा में दिए थे दो गनर
मौलाना तौकीर की सुरक्षा में काफी समय से बरेली पुलिस के दो गनर चल रहे हैं। कुछ दिन पहले जब मौलाना ने सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी दी थी तो शहर में माहौल बिगड़ने का अंदेशा था। अफसरों ने तब मौलाना की सुरक्षा वापस लेकर गनर हटा लिए थे। हालांकि शोर मचा तो अफसरों ने तर्क दिया कि ट्रेनिंग को गनर बुलाए गए हैं। बाद में मौलाना को दूसरे गनर दिए गए थे।
इधर, गिरफ्तारी के आदेश के बाद मौलाना का पुलिस ने मौलाना से संपर्क करने की कोशिश की तो उनका फोन नंबर नहीं लगा। तब पुलिस ने उनकी लोकेशन लेने के लिए दोनों गनर से संपर्क किया तो पता लगा कि मौलाना कुछ दिन पहले ही दोनों सुरक्षाकर्मियों को बिना बताए गच्चा देकर कहीं चले गए हैं। अब गनर वापस बुलाने पर भी अफसर मंथन कर रहे हैं।
यह है मामला
एडीजे रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने वर्ष 2010 के दंगों के आरोप में मौलाना तौकीर रजा खां के अलावा छह अन्य आरोपियों के खिलाफ भी गैरजमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट में 11 मार्च को जब पुकार हुई तो अभियुक्त राजू हसन, सौबी रजा, यासीन की हाजिरी माफी कोर्ट में दाखिल की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अभियुक्त अमजद अहमद, आरिफ, निसार अहमद, अबरार, राजू उर्फ राजकुमार व कौशर कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने इन सभी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है।