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मदरसों का सर्वे कराने पर उठाया सवाल: मौलाना शहाबउद्दीन ने कहा-बदहाली के लिए पूर्व की सपा सरकार भी जिम्मेदार

Sat, 03 Sep 2022 03:14 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मदरसों के सर्वे कराने के फैसले और असम में 4 मदरसों को भाजपा सरकार के बुल्डोजर चला कर गिराने पर मौलाना शहाबुद्दीन भड़क उठे हैं। उन्होंने दोनों ही सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार तबियत से मदरसों का सर्वे कराए, सर्वे पर कोई आपत्ति भी नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Twitter
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विस्तार
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बरेली में मदरसों की बदहाली को लेकर तंजीम उलमा इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भाजपा सरकार और पूर्व की सपा सरकार दोनों को कटघरे में खड़ा किया है। एक तरफ जहां वर्तमान सरकार पर मदरसे का सर्वे कराने को लेकर शक जाहिर किया है, वहीं उन्होंने पूर्व की सपा सरकार को मदरसों की खस्ताहाली का जिम्मेदार ठहराया है।
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उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मदरसों के सर्वे कराने के फैसले और असम में 4 मदरसों को भाजपा सरकार के बुल्डोजर चला कर गिराने पर मौलाना शहाबुद्दीन भड़क उठे हैं। उन्होंने दोनों ही सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार तबियत से मदरसों का सर्वे कराए, सर्वे पर कोई आपत्ति भी नहीं है। क्योंकि मदरसों में केवल कुरान और हदीस की पढ़ाई के सिवा कुछ भी नहीं होता।

उन्होंने जंगे आजादी में देश के मदरसों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया जानती है आजादी की लड़ाई में मदरसों का कितना अहम रोल रहा है। मदरसों का आतंकी कनेक्शन निकाल कर उन्हें जमीदोज करने और उत्तर प्रदेश में मदरसों का सर्वे कराने का मकसद सिर्फ मुसलमानों को मानसिक तौर पर परेशान करने के अलावा कुछ नहीं है। असम में मदरसों का आतंकी कनेक्शन निकालन पर भी उन्होंने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया।
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मौलाना ने कहा कि इन्हीं मदरसों से बहुत से आलिमे दीन और उलमा ने महात्मा गांधी के साथ कंधे से कंधा मिला कर हिंदुस्तान को आजाद कराया था। इंकलाब जिंदाबाद का मौलाना हसरत मोहानी ने दिया। इन्हीं मदरसों के 55 हजार उलमा ने इस देश के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी। 

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि मदरसों की दुर्दशा और खस्ताहाली के लिए पूर्व की सपा सरकार भी जिम्मेदॊर है। इसलिए कि 2015 में सपा सरकार में रहे अल्पसंख्यक मंत्री आजम खान ने मदरसों को मान्यता देने पर पाबंदी लगा दी थी।
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