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Ayodhya Ram Mandir: रामधुन पर झूमा बाजार, 40 करोड़ रुपये का कारोबार; घर-घर लहराए श्रीराम नाम के ध्वज

Mon, 22 Jan 2024 11:17 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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शोभायात्रा में लहराई श्रीराम पताकाएं - फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या में रामलला के अचल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लोगों में गजब उत्साह है। नतीजा, बरेली में सप्ताह भर में ही बाजार 30 फीसदी चढ़ा और करीब 40 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठा। पूजन सामग्री, प्रसाद, मिठाई समेत खाद्यान्न की जबरदस्त बिक्री हुई। कारोबारियों के मुताबिक 500 वर्षों का इंतजार अयोध्या में रामलला के विराजमान होने के साथ पूरा होगा। लिहाजा, तैयारियों का सिलसिला एक माह पहले से ही शुरू हो गया था, मगर बाजार में खरीदारी मकर संक्रांति के बाद शुरू हुई। 

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जगह-जगह भंडारा आयोजन, मंदिरों और घरों में पूजन फिर प्रसाद वितरण सामग्री खरीदने के लिए लोग बाजार तक पहुंचे। महज आयोजन ही नहीं, बल्कि खास दिन के लिए वाहन, गहनों की भी खरीदारी की। करीब माहभर से सूने आतिशबाजी के बाजार में भी रौनक आई। फूल, दीया, कपड़ा कारोबार में भी उछाल दर्ज हुआ। अच्छा कारोबार होने से व्यापारी खुश है।

80 फीसदी लोगों ने की लड्डू की मांग
प्रसाद के तौर पर धार्मिक मान्यतानुसार लड्डू का वितरण हवन-पूजन के बाद होगा। मिठाई कारोबारियों के मुताबिक खास मौके पर कई प्रतिष्ठान लड्डुओं की खरीदारी पर छूट दे रहे हैं। हलवाई बुक हुए हैं जो ताजी बूंदी और लड्डू बनाएंगे। 80 फीसदी लड्डू की मांग रही। प्रभु श्रीराम को अर्पित करने के लिए गेंदा और गुलाब के फूलों की खूब मांग रही। करीब आठ सौ क्विंटल फूल की बिक्री सप्ताह भर में हुई है। इससे किसानों के दिन भी बहुरे। वहीं, झंडा, पताका की मांग रही।  
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सौ स्थानों पर भंडारों का आयोजन
शहरवासी प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में भंडारा कर रहे हैं। शहर में ही करीब सौ स्थानों पर आयोजन हो रहे हैं। शहर के प्रमुख मंदिर, चौराहों समेत व्यक्तिगत तौर पर भी लोग जगह-जगह पंडाल में प्रसाद वितरण करेंगे। घी, तेल, आटा, चावल, मसाले, सब्जियों की जमकर बिक्री हुई।

आतिशबाजी विक्रेताओं के चेहरे खिले
आतिशबाजी एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णदेव सूद के मुताबिक शहर में थोक विक्रेताओं की दुकानें बंद हैं, पर रिटेल दुकानों पर बिक्री रही। शहर के आतिशबाजी विक्रेताओं ने अच्छा कारोबार किया। वहीं, सहालग सीजन भी 22 से शुरू हो रहे हैं। कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।

आभूषणों और वाहनों की भी बिक्री
घर, दुकान, प्रतिष्ठान सजाने के लिए एलईडी झालरों की मांग खूब हुई। वाहन कारोबारियों के मुताबिक मांगलिक आयोजन और रामलला के अचल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर वाहन भी खूब बिके। इस मौके को यादगार बनाने के लिए श्रीराम लिखे लॉकेट, पेडेंट भी लोगों ने खरीदे।

किस चीज का कितना हुआ कारोबार
  • पांच करोड़ रुपये वाहन, पांच करोड़ सराफा बाजार।
  • एक करोड़ रुपये इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, झालर।
  • पांच करोड़ की मिठाई, दो करोड़ के बिके दीये।
  • दो करोड़ रुपये के बिके फूल, दो करोड़ की आतिशबाजी।
  • छह करोड़ रुपये घी, तेल, रिफाइंड, मसाले, राशन।
  • पांच करोड़ रुपये टेंट, बैंड बाजा, कीर्तन जत्था बुकिंग।
  • तीन करोड़ रुपये गजक, प्रसाद, हवन-पूजन सामग्री।
  • चार करोड़ का कपड़ा, झंडी, पताका, सजावट सामग्री।
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दो लाख से ज्यादा झंडे बिके, लगाने के लिए कम पड़े डंडे
रामलला के अचल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर घर, दुकान, प्रतिष्ठान, कार्यालयों पर श्रीराम पताका फहराने के लिए करीब दो लाख से ज्यादा भगवा ध्वज और श्रीराम पताका लोगों ने खरीदी। इन्हें फहराने के लिए डंडे कम पड़ गए। लोग बांसमंडी के चक्कर काटते रहे।

शहरवासियों ने घर और कारोबारियों ने बाजार को सजाने के लिए बड़ी तादाद में झंडे का ऑर्डर दिया था। करीब दो लाख से ज्यादा झंडे शहर में बिके। अब संकट उन्हें लगाने का रहा, क्योंकि डंडे नहीं मिले।

श्यामगंज के कारोबारी महेश चंद्र चौरसिया ने बताया कि बांस मंडी में डंडों की मांग बढ़ने पर कीमत बढ़ गई। बताया कि शहर के श्यामगंज किराना मंडी, दाल मंडी, आलमगिरीगंज, साहूकारा, बड़ा बाजार आदि बाजारों में पताका फहरा रही है। कई लोगों ने वायरिंग पाइप, क्लिप आदि के सहारे उन्हें फहराया। बांस मंडी कारोबारी आसिम के मुताबिक अचानक डंडों की मांग बढ़ी। दोबारा ऑर्डर देकर डंडे मंगवाए तो वह महंगे पड़े। 
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