सौ स्थानों पर भंडारों का आयोजन
शहरवासी प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में भंडारा कर रहे हैं। शहर में ही करीब सौ स्थानों पर आयोजन हो रहे हैं। शहर के प्रमुख मंदिर, चौराहों समेत व्यक्तिगत तौर पर भी लोग जगह-जगह पंडाल में प्रसाद वितरण करेंगे। घी, तेल, आटा, चावल, मसाले, सब्जियों की जमकर बिक्री हुई।
आतिशबाजी विक्रेताओं के चेहरे खिले
आतिशबाजी एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णदेव सूद के मुताबिक शहर में थोक विक्रेताओं की दुकानें बंद हैं, पर रिटेल दुकानों पर बिक्री रही। शहर के आतिशबाजी विक्रेताओं ने अच्छा कारोबार किया। वहीं, सहालग सीजन भी 22 से शुरू हो रहे हैं। कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
आभूषणों और वाहनों की भी बिक्री
घर, दुकान, प्रतिष्ठान सजाने के लिए एलईडी झालरों की मांग खूब हुई। वाहन कारोबारियों के मुताबिक मांगलिक आयोजन और रामलला के अचल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर वाहन भी खूब बिके। इस मौके को यादगार बनाने के लिए श्रीराम लिखे लॉकेट, पेडेंट भी लोगों ने खरीदे।
दो लाख से ज्यादा झंडे बिके, लगाने के लिए कम पड़े डंडे
रामलला के अचल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर घर, दुकान, प्रतिष्ठान, कार्यालयों पर श्रीराम पताका फहराने के लिए करीब दो लाख से ज्यादा भगवा ध्वज और श्रीराम पताका लोगों ने खरीदी। इन्हें फहराने के लिए डंडे कम पड़ गए। लोग बांसमंडी के चक्कर काटते रहे।
शहरवासियों ने घर और कारोबारियों ने बाजार को सजाने के लिए बड़ी तादाद में झंडे का ऑर्डर दिया था। करीब दो लाख से ज्यादा झंडे शहर में बिके। अब संकट उन्हें लगाने का रहा, क्योंकि डंडे नहीं मिले।
श्यामगंज के कारोबारी महेश चंद्र चौरसिया ने बताया कि बांस मंडी में डंडों की मांग बढ़ने पर कीमत बढ़ गई। बताया कि शहर के श्यामगंज किराना मंडी, दाल मंडी, आलमगिरीगंज, साहूकारा, बड़ा बाजार आदि बाजारों में पताका फहरा रही है। कई लोगों ने वायरिंग पाइप, क्लिप आदि के सहारे उन्हें फहराया। बांस मंडी कारोबारी आसिम के मुताबिक अचानक डंडों की मांग बढ़ी। दोबारा ऑर्डर देकर डंडे मंगवाए तो वह महंगे पड़े।