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Bareilly News: टापू में तब्दील हुए कई गांव, नहीं मिली सरकार से मदद

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सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी - फोटो : Samvad
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नवाबगंज/क्योलड़िया: लगातार बारिश से बरेली और पीलीभीत की सीमा पर बह रही देवहा नदी ने क्षेत्र के 12 गांवों को टापू में तब्दील कर दिया है। प्रशासन की अनदेखी के बाद नाराज ग्रामीणों ने गांव की सड़क और पुल को बचाने के लिए स्वयं से बीड़ा उठा लिया है। इसके तहत वे मिट्टी से पिचिंग बनाने में जुट गए हैं। हालांकि मामले की जानकारी मिलते ही डीएम रविंद्र कुमार टीम के साथ पहुंचकर क्षेत्र में हालातों का जायजा लिया है। डीएम ने सिंचाई विभाग को नदी के किनारे पिचिंग कराने के आदेश दिए हैं।
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पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई बारिश के बाद देवहा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का पानी सिठौरा, अमीरनगर, गलड़हाई, बहर जागीर, अब्दला, पेहना, जरपा मोहनपुर, नकटीनरायनपुर, बिहारीपुर पीतमराम सहित 12 गांवों में घुस गया है, जबकि सबसे अधिक देवहा नदी ने अमीरनगर और गुलड़हाई को अपना निशाना बनाया है। सोमवार को एसडीएम मल्लिका नैन ने गांव पहुंचकर बाढ़ चौकियों को सर्तक किया था, लेकिन मंगलवार को पानी का जल स्तर बढ़ने पर डीएम के साथ एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह ने गांव पहुंच कर देवहा नदी का जायजा लिया।
सड़क कटी तो ढहेगा 26 करोड़ की लागत से बना पुल
स्व. विधायक केसर सिंह गंगवार के अथक प्रयास से अमीरनगर गांव के लिए 26 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया गया है। पुल तक जाने के लिए पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। देवहा नदी का जलस्तर बढ़ते ही सड़क के ऊपर से पानी बहना शुरू हो गया है। सड़क पर पानी बहने से सड़क जगह-जगह धंसनी शुरू हो गई है। ग्रामीणों को जानकारी मिलते ही उन्होंने जेसीबी मशीन से मिट्टी की पिचिंग कराना शुरू कर दिया है, लेकिन पानी का बहाव बढ़ता ही जा रहा है। यदि सड़क पानी के बहाव से टूट गई तो पुल भी देवहा नदी में समा सकता है। वर्ष 2009 में आई बाढ़ ने देवहा नदी पर बने पुल को अपने में समा लिया था।
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ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी
बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकी बनाई है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ चौकी और प्रशासन के बाढ़ से निपटने के इंतजाम सिर्फ कागजों में ही दिख रहे हैं। धरातल पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है। नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण दहशत में है। इस कारण लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। संवाद

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

सूदनपुर तटबंध पर जियो ट्यूब के ऊपर पापलाइन से डाली जा रही मिट्टी- फोटो : Samvad

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