बरेली। कमाई के मामले में अव्वल ट्रेनों में भी रेलवे यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराने में पिछड़ रहा है। जिन ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी 250-300 तक पहुंच रही है उनमें भी कई का संचालन पुराने आईसीएफ कोच की रैक के साथ किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिमी रेलवे की कमाई के मामले में शीर्ष 200 ट्रेनों में बरेली होते हुए गुजरने वाली 15910 अवध-असम एक्सप्रेस पहले स्थान पर है। इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की भी तमाम शिकायतें रहती हैं। सप्ताह में एक-एक दिन चलने वाली बरेली-भुज एक्सप्रेस के कोचों में एसी खराब होने की शिकायतें दूर नहीं हो रहीं।
इस ट्रेन ने एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक रिकार्ड 103.86 करोड़ रुपये की कमाई की है। अवध-असम एक्सप्रेस की ऑक्यूपेंसी 300 के करीब है। इसके बाद भी ट्रेन में कोच की संख्या में वृद्धि नहीं की गई है। उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे की ट्रेनों में काठगोदाम से हावड़ा के बीच चलने वाली 13020/13019 बाघ एक्सप्रेस भी शीर्ष ट्रेनों की सूची में है। गौर करने की बात यह है कि इस ट्रेन में 100 सीटों के मुकाबले 260 टिकट की मांग है। इसके बाद भी अब तक इसे एलएचबी कोच की रैक नहीं मिल सकी है।
सप्ताह में एक दिन चलने वाली 14322 बरेली-भुज एक्सप्रेस को भी अब तक एलएचबी रैक नहीं मिल सकी है। इस ट्रेन में एसी खराब होने की शिकायतें खत्म नहीं हो रहीं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद पद्मावत व अयोध्या एक्सप्रेस में भी ऑक्यूपेंसी बढ़ी है। मुख्य वणिज्य निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि कई ट्रेनों में एलएचबी कोच प्रस्तावित हैं। ट्रेनों में सामान्य कोच की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
बरेली-भुज एक्सप्रेस में एसी लगातार तीसरे सप्ताह खराब
सप्ताह में अप-डाउन एक-एक दिन चलने वाली बरेली-भुज एक्सप्रेस में एसी लगातार तीसरे सप्ताह भी खराब हो गया। इससे पहले 20 और 13 जून को भी एसी खराब होने की शिकायत रही थी। बृहस्पतिवार को बरेली से चलने के कुछ देर बाद ही एसी तृतीय श्रेणी के बी-2 कोच में सवार यात्री एसी खराब होने की शिकायत करने लगे। शुक्रवार को वापसी में भी एसी के काम न करने की शिकायत रही। इस ट्रेन का मेंटीनेंस बरेली जंक्शन पर होता है। जंक्शन के एसी सेक्शन के एसएसई प्रवीन कुमार ने बताया कि कोच पुराने होने के कारण यह समस्या रहती है।