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Bareilly News: सोनू के सीने में कई राज, सीडी और चिप में ढेरों रिकॉर्डिंग

Wed, 23 Aug 2023 02:13 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली में सोनू कालिया से दोस्ती गांठने के आरोप में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। बताया जा रहा है कि सोनू कालिया पहले फतेहगंज पश्चिमी के एक कुख्यात तस्कर का खास गुर्गा था।
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आरोपी सोनू कालिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिस सोनू कालिया से दोस्ती गांठने के आरोप में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई, वह पहले फतेहगंज पश्चिमी के एक कुख्यात तस्कर का खास गुर्गा था। पैसा बढ़ने के बाद तस्कर सफेदपोश हो गया तो सोनू ही उसका सारा काम देखने लगा। सपा सरकार में उसका सिक्का चलता था। पुलिस को कमाई कराने, गाड़ियों और पार्टियों की व्यवस्था कराने के लिए वह चर्चित रहा। कुछ वर्ष पहले आका की मौत के बाद सोनू कमजोर पड़ गया था। 

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वह कमीशन की कमाई में हेरफेर करने लगा तो पुलिस के निशाने पर आ गया था। इस बीच सोनू ने एक अधिकारी के नाम पर 10 लाख रुपये मांगने वाले सिपाही की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल कर दी तो उसके बुरे दिन शुरू हो गए। जेल जाने से पहले मीडिया से हुई बातचीत में उसने स्वीकार किया कि उसके पास पेन ड्राइव व सीडी में कई ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित हैं। उसे बेवजह फंसाया गया तो वह कई बड़े चेहरों को बेनकाब कर देगा।

इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह इससे पहले महिला सिपाही से मीठी बातों का ऑडियो वायरल होने पर लाइन हाजिर हो चुके हैं। उस वक्त वह फतेहगंज पूर्वी थाने के प्रभारी थे। थाने की ही एक महिला सिपाही अपनी शादी से पहले छुट्टी गई थी। इस बीच मोबाइल फोन पर इंस्पेक्टर और उसके बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया था। इसमें अमर्यादित बातें कही जा रही थी। तत्कालीन एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर जांच बैठा दी थी। तब इंस्पेक्टर ने सफाई दी थी कि यह आवाज उनकी नहीं है।
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इंस्पेक्टर फतेहगंज पश्चिमी मनोज कुमार सिंह की सोनू कालिया पर जरूरत से ज्यादा मेहरबानी की भी पुष्टि हुई है। जांच में साफ हुआ है कि उन्होंने सोनू कालिया के दुश्मनों को फंसाने और समझौता कराने में उसकी मदद की। एक मामले में सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी के चाचा के चारों बेटों पर सोनू के पिता की ओर से क्रॉस रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। आरोपियों को थाने में बैठाकर समझौते का प्रयास भी किया गया।

इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह सिर्फ सोनू कालिया की करीबी की वजह से ही नहीं, बल्कि कई और वजहों से भी कार्रवाई का शिकार हुए। मृत दो भैंसों को ले जा रही पिकअप गाड़ी को पकड़ने और फिर बिना किसी अधिकारी को बताए वाहन व मांस तस्करी के तीन आरोपियों को छोड़ने का आरोप भी उन पर साबित हुआ है। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो 10 जुलाई को पुलिस ने तीनों आरोपियों को थाने बुलाकर उन्हें मेडिकल के लिए भेज दिया। एक मामले में उनके खिलाफ रिश्वत लेकर शिकायतकर्ता की पिटाई करने का भी आरोप लगा था। इस मामले की प्रारंभिक जांच में भी वह फंस गए थे।

एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शिकायतों की पुष्टि के बाद इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। कंप्यूटर ऑपरेटर का रुपये लेने का वीडियो मिलने पर निलंबन किया गया है। किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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