बरेली। ठेका प्रथा के विरोध में सफाई कर्मियों की दो दिनों की हड़ताल से शहर के कई इलाके गंदगी से बजबजा रहे हैं। डलावघरों से उठ रही बदबू लोगों को परेशान कर रही है। शुक्रवार देर शाम नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत के बाद सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है। शनिवार को शहर में सफाई हुई, लेकिन कई डलावघरों से कूड़े का उठान नहीं हो सका। नगर निगम के अधिकारी रविवार दोपहर तक सफाई व्यवस्था पटरी पर आने की बात कह रहे हैं।
सफाई कर्मचारियों से हुई वार्ता में महापौर उमेश गौतम ने आश्वासन दिया है कि शहर के 30 वार्डों में ठेके पर सफाई कराने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दी थी। बोर्ड की आगामी बैठक में इसे रद्द करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उप्र स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार समदर्शी ने बताया कि निगम के 311 कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया था। तबादलों को भी स्थगित करने का आश्वासन मिला है।
इस बार की हड़ताल में सफाई कर्मियों ने नगर निगम परिसर में कूड़े से भरे वाहन खड़े किए थे। वर्ष 1995-96 में सफाई कर्मचारियों ने तत्कालीन नगर आयुक्त हरदेव सिंह का घेराव कर परिसर में कूड़ा डाल दिया था। नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर मरे हुए जानवर लटका दिए थे।
कर्मचारी शहर के 30 वार्डों में ठेके पर सफाई कराए जाने का विरोध कर रहे थे। उनकी जायज मांगों को पूरा किया जाएगा। शुक्रवार रात से ही सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। रविवार सुबह तक सभी प्रमुख स्थानों व डलावघरों से कूड़े का उठान करा लिया जाएगा। - डॉ. भानु प्रताप सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी