बरेली। मणिपुर के ठगों नेदिल्ली के व्यापारी को कारें बेच दीं। बाद में चोरी का आरोप लगाकर उसे जेल भिजवा दिया। व्यापारी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दिल्ली निवासी हरमनप्रीत सिंह कार व्यापारी हैं। उनका एक दफ्तर बटलर प्लाजा में है। इसमें मणिपुर का गैविड शर्मा, राजकुमार मिक्सन और लौया आए। इन लोगों ने हरमनप्रीत से मर्सिडीज जी वैगन और रेंज रोवर वोग कारों का सौदा किया। हरमनप्रीत ने इन लोगों को पांच लाख रुपये बयाना दिया। हरमनप्रीत कारें लेने मणिपुर गए तो वहां डेबिट शर्मा, रवी नागनगोम, बैनियम थौकचौम, राजकुमार मिश्रा, अनिल शर्मा और लौया से मुलाकात हुई। कारें देखने के बाद हरमन ने गैविड के खाते में 23 लाख, बैनियम के खाते में 35 लाख और रवि नागनगौम के खाते में 12 लाख रुपये डाल दिए।
बाद में हरमन को पता चला कि मर्सिडीज पर दो करोड़ का लोन बकाया है। हरमन ने मणिपुर पहुंचकर कार ट्रांंसफर कराने को कहा तो सभी ने टालमटोल कर दी। आरोप है कि ठगों ने बैंक में कार चोरी की सूचना दे दी। एफआईआर होने के बाद हरमन को जेल भेज दिया गया। हरमन के हाथ बेची गई कार को बैंक से जब्त करा दिया। जेल से छूटने के बाद हरमन को पता चला है कि उनकी कार मेरठ में बेच दी गई है। कोतवाली में हरमनप्रीत ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। ब्यूरो