कुछ लोगों का कहना है कि तेजेंद्र के पास इतनी प्रॉपर्टी भी नहीं थी, जो विवाद का कारण बन सके। वह साप्ताहिक बाजारों और मेले में कॉस्मेटिक व क्रॉकरी का सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। मोहल्ले में जिस तरह से चर्चा है कि इस हत्याकांड में नजदीकियों का हाथ हो सकता है। पुलिस काे भी यही आशंका है कि उनकी हत्या में नजदीकी का हाथ हो सकता है। अवैध संबंधों में हत्या के शक को ध्यान में रखते हुए भी पुलिस छानबीन कर रही है।
फरसा से खुल सकता है हत्या का राज
परिवार वालों का दावा है कि घटनास्थल से बरामद फरसा उन्होंने कभी नहीं देखा। हत्यारे इसे मौके पर क्यों छोड़ गए या ले जाने में कामयाब नहीं हो सके या फिर वह फरसे को ले जाना नहीं चाहते थे। ऐसे तमाम सवाल हैं, जिन पर पुलिस काम कर रही है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि इस हत्याकांड के खुलासे में फरसे से काफी मददगार साबित होगा।
एक महिला को लेकर चल रहा था विवाद
परिवार वाले भले ही किसी विवाद के होने से इन्कार कर रहे हैं, लेकिन मोहल्ले में तमाम लोगों के मुंह से यह भी सुना जा रहा है कि परिवार की एक महिला को लेकर विवाद था। इसको लेकर काफी क्लेशबाजी भी हुई थी, लेकिन बाद में यह मामला शांत हो गया। आखिर हत्या की वजह क्या है, यह पुलिस की जांच का विषय है।
चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे तेजेंद्र
तेजेंद्र चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। तेजेंद्र के पांच संतानों में अंशुल सबसे बड़ा है। उससे छोटा अनमोल, उससे छोटी संगीता, आस्था और सबसे छोटी निधि है। इनमें अंशुल की शादी हो चुकी है। उसकी एक बेटी भी है।