भाइयों के साथ चंडीगढ़ में रहता था राहुल
राहुल के पिता नत्थूलाल बीस साल पहले अधकटा से जाकर चंडीगढ़ में बस गए थे। वहां वह रेहड़ी पर छोले बेचने लगे थे। राहुल व उनसे बड़े तीन भाई भी चंडीगढ़ में रहते थे। गांव में उनके पिता के नाम साढ़े छह बीघा जमीन और मकान है, जिसमें राहुल के चाचा का परिवार रहता है। तीन साल पहले राहुल के पिता नत्थूराम रेल लाइन किनारे टहलते वक्त ट्रेन की चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
इन ट्रेनों का बदला मार्ग
ट्रेन नंबर व नाम- परिवर्तित मार्ग
15652 लोहित एक्सप्रेस- बाराबंकी वाया अयोध्या, मनकापुर
15653 अमरनाथ एक्सप्रेस- मनकापुर वाया अयोध्या, बाराबंकी
12557 सप्तक्रांति एक्सप्रेस- मनकापुर वाया अयोध्या, बाराबंकी
15273 सत्याग्रह एक्सप्रेस- बढ़नी वाया गोंडा
13019 बाघ एक्सप्रेस- बढ़नी वाया गोंडा
14673 शहीद एक्सप्रेस- वाया मनकापुर, अयोध्या, बाराबंकी
15909 अवध असम एक्सप्रेस- वाया मनकापुर, अयोध्या, बारबंकी
15910 अवध असम एक्सप्रेस- वाया बाराबंकी, अयोध्या, मनकापुर
15057 गोरखपुर-आनंद विहार एक्सप्रेस- वाया मनकापुर, अयोध्या, बाराबंकी
12558 मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस- वाया बारबंकी, अयोध्या, मनकापुर
14617 जनसेवा एक्सप्रेस- वाया गोरखपुर, बढ़नी, गोंडा
15279 पुरबिया एक्सप्रेस- वाया मनकापुर, अयोध्या, बाराबंकी
14618 जनसेवा एक्सप्रेस- वाया गोंडा, बढ़नी, गोरखपुर
अलर्ट रहीं जीआरपी और आरपीएफ की टीमें
आरपीएफ व जीआरपी की टीमें अलर्ट रहीं। वे हादसे का शिकार हुई ट्रेन में बरेली से जुड़े यात्रियों की जानकारी जुटाने में लगी रहीं। आरपीएफ इंस्पेक्टर विनीता व जीआरपी इंस्पेक्टर अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि थाने में देर रात तक कोई भी व्यक्ति हादसे से जुड़ी जानकारी लेने के लिए नहीं पहुंचा था। हालांकि, अधिकारियों के निर्देश पर थाने में एक टीम तैनात रहेगी, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।