लापरवाही ने बढ़ाई मुसीबत, शहर में छह माह से चल रहा पेड़ों की छंटाई का काम अब तक पूरा नहीं
बरेली। पेड़ छंटाई सहित बिजली लाइनों पर होने वाले अन्य कार्यों के चलते शनिवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में उपभोक्ताओं को पांच घंटे तक कटौती का सामना करना पड़ा। बिजली निगम की ओर से कटौती के संबंध में पूर्व सूचना न देने से भी उपभोक्ताओं में आक्रोश दिखा।
सुभाषनगर में सुबह 11 से शाम चार बजे तक बिजली गुल रही। डीडीपुरम और कोहाड़ापीर बिजली उपकेंद्र के इलाकों में भी पेड़ों की छंटाई और मरम्मत के काम किए गए। किला क्षेत्र में भी शनिवार को बिना पूर्व सूचना के पांच घंटे तक बिजली गुल रही। सिटी फीडर से जुड़े इलाकों में ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। कैंट में भी उपभोक्ताओं ने बिजली संकट का सामना किया।
सुभाषनगर उपकेंद्र के सर्वोदय नगर निवासी अधिवक्ता आरएस लाल ने बताया कि बिना पूर्व सूचना रोजाना पांच-छह घंटे कटौती की जा रही है। उपकेंद्र के एसडीई और जेई कॉल रिसीव नहीं करते। किला उपकेेंद्र के मिर्ची टोला में केबल बदलने के नाम पर दूसरे दिन भी कटौती की गई। यहां के प्रणय गुप्ता ने बताया कि पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई। सुबह 11 बजे बिजली गुल हुई तो शाम छह बजे के बाद आपूर्ति चालू हो सकी।
इधर, अधिकारियों का कहना है कि दिवाली पर निर्बाध आपूर्ति देने की तैयारी है। 15 नवंबर तक अनुरक्षण माह मनाया जा रहा है। इस दौरान लाइनें बदलने और मरम्मत के काम कराए जा रहे हैं।
मुख्य अभियंता ने डीडीपुरम उपकेंद्र का निरीक्षण किया
मुख्य अभियंता रणविजय सिंह ने शनिवार को डीडीपुरम उपकेंद्र का निरीक्षण किया। यहां क्षमता वृद्धि के काम किए गए थे। इसके बाद भी यहां ट्रिपिंग की शिकायतें मिल रहीं हैं। मुख्य अभियंता ने उपकेंद्र में पावर ट्रांसफार्मर देखा। एसडीई और जेई से जानकारी ली। निर्देश दिए कि अनुरक्षण के लिए काम कराने से पहले उपभोक्ताओं को कटौती के संबंध में पहले सूचना दी जाए। संवाद