बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पांचाल गृह में महात्मा ज्योतिबा फुले की 197वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित व्याख्यान माला में बीते साल हुई प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि डीयू में हिंदी के विभागाध्यक्ष प्रो. श्योराज सिंह बेचैन ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले खुद में एक आंदोलन थे। उन्होंने भारतीय सामाजिक परंपरा के मूल को समझा। सामाजिक चेतना को जगाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले व डॉ. बीआर आंबेडकर भारतीय समाज के वे हीरे थे, जिन्होंने समाज को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। संचालन महात्मा ज्योतिबा फुले अनुसंधान एवं अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार ने किया। विगत वर्ष महात्मा ज्योतिबा फुले से संबंधित निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई गई थी। विजेता शुभ्रा भास्कर व राजेश कुमार सम्मानित हुए। कुलपति ने उन्हें प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिया। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह, प्रो. विजय बहादुर, प्रो. सुमित्रा कुकरेती, प्रो. सुधीर कुमार वर्मा, प्रो. रश्मि अग्रवाल उपस्थित रहीं।