सिविल लाइंस स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता के दौरान निरंजन अखाड़ा हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज ने कहा कि ज्ञानवापी सनातनियों को मिलेगी, लेकिन अभी कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा करनी होगी।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सारे साक्ष्य के साथ दायर की गई याचिका को स्वीकार किया है और उन्हें विश्वास है कि फैसला भी उचित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानवापी में भगवान होने की साक्षी नंदी हैं, क्योंकि नंदी का मुख भगवान की ओर होता है। दावा कर सकते हैं कि अंदर महादेव हैं। इसके अलावा वहां पर शिवलिंग भी मिला है, जिसके साथ छेड़छाड़ की गई है। उसके स्वरूप को बदलने का प्रयास किया गया है।
इसके अलावा एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में धर्म को बल मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने कई उदाहरण भी दिए। काशी कॉरिडोर, रामलला मंदिर, केदारनाथ, बद्रीनाथ जैसे तमाम मंदिरों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। स्वामी कैलाशानंद महाराज यहां ब्राह्मण कल्याण समिति की ओर से रविवार को होने वाले ब्राह्मण युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन में शामिल होने आए।