क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को गिरोह के सरगना बताए जा रहे मीरगंज क्षेत्र के प्रधान महिपाल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महिपाल 12 मुकदमों में वांछित था। अब पुलिस ने उसके गिरोह पर शिकंजा कस दिया है।
बरेली में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर किसानों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कस गया है। सरगना को जेल भेजने के बाद गुर्गों की तलाश की जा रही है। गिरोह से जुड़े एक माफिया ने ठगी की रकम से हेलीकॉप्टर मंगाकर अपनी दो बहुओं की विदाई कराई थी।
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जिले में काफी समय से यह गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य दिल्ली की कंपनी का मैनेजर, कभी सेक्रेटरी तो कभी वकील बनकर काश्तकारों से मिलते थे। जमीन खरीदने के नाम पर काश्तकारों को झांसे में लेते और फिर दूसरी जमीन को पसंद बताकर उसमें कमीशन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठग लेते हैं। जिले में एक ही तरीके के अपराध के 13 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं जिनकी विवेचना आईजी ने क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करवा दी थी।
क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को गिरोह के सरगना बताए जा रहे मीरगंज क्षेत्र के प्रधान महिपाल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। महिपाल 12 मुकदमों में वांछित था। अब क्राइम ब्रांच को भोजीपुरा के सत्येंद्र उर्फ लालू, साहिबाबाद के परवेज, देव सिंह राणा, अनुभव बेनीवाल, राजवीर सिंह यादव, पन्नालाल कश्यप और नन्हे यादव आदि की तलाश है।
हेलीकॉप्टर से कराई थी विदाई
फरवरी में भोजीपुरा इलाके की दो बहनों की शादी मीरगंज इलाके के चचेरे-तहेरे भाइयों से हुई थी। दोनों परिवारों ने शादी के बाद हेलीकॉप्टर से विदाई कराने का निर्णय लिया था। दुल्हन के परिजनों को तो अनुमति मिल गई पर लड़कों के गांव में हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति नहीं मिली थी।
तब दोनों दुल्हन और दूल्हों को लेकर उड़ा हेलीकॉप्टर दिल्ली जाकर उतरा था। वहां से कार से दोनों जोड़े मीरगंज के गांव आए थे। अब जांच में पता लगा कि दूल्हों में एक इसी माफिया का बेटा और दूसरा भतीजा है। मतलब साफ है कि किसानों से ठगी गई रकम को माफिया और उसके साथी ऐशोआराम में लुटा रहे थे।
आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि काश्तकारों से जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह से संबंधित सभी मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच बरेली कर रही है। जल्दी ही सभी आरोपी जेल भेजे जाएंगे।