बरेली में मदरसा जामा-ए-मेहंदिया सेंथल में फर्जी प्रमाणपत्रों से नौ वर्ष तक नौकरी का मामला सामने आया है। वक्फ निरीक्षक रामकिशोर ने आंवला थाने के गांव गोठा खंडुआ निवासी लिपिक अमजद खान के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अमजद नौ साल से फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी कर रहा था।
वक्फ निरीक्षक ने बताया कि वर्ष 2016 में अमजद खान ने नौकरी शुरू की थी, तब आलिम की डिग्री भी उसने शैक्षिक प्रमाणपत्र के तौर पर दाखिल की। नियमानुसार इसे उप्र मदरसा शिक्षा परिषद के पास भेजा गया, अब सत्यापन में अमजद खान की आलिम की डिग्री फर्जी पाई गई। कोतवाली पुलिस अब कूटरचित दस्तावेज से नौकरी हासिल करने के आरोप की धारा लगाकर जांच कर रही है। अमजद की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
वक्फ निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ की ओर से मदरसा जामा-ए-मेहंदिया सेंथल बरेली में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराई गई। जांच के दौरान बाबू अमजद खान के अंकपत्र जाली पाए गए। अमजद से वेतन के रूप में दिए गए सरकारी धन की वसूली भी हो सकती है।