बरेली। संजय नगर निवासी छात्रा अनामिका को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाला गिरोह संजयनगर इलाके में आतंक का पर्याय बना है। इनमें आरोपी लकी लभेड़ा कोर्ट में हाजिर होकर जेल चला गया है, पर तीन शोहदे छह दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
अनामिका के मंगेतर आलोक को कब्जे में लेकर संजयनगर के शोहदों ने उसके मोबाइल पर कॉल कर आलोक की हत्या करने की खबर सुनाई थी। तब अनामिका ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अनामिका की मां सरिता ने बारादरी थाने में संजयनगर के रितिक ठाकुर, आकाश ठाकुर, लकी लभेड़ा और हिमांशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस का दबाव बढ़ा तो लकी लभेड़ा कोर्ट में हाजिर हो गया। वहां से उसे जेल भेजकर बारादरी पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने बताया कि बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
आकाश और लकी लभेड़ा शातिर अपराधी हैं। वे पिछले साल फरवरी में डॉ. केशव अग्रवाल पर जानलेवा हमला कर चुके हैं। एक लाख रुपये की सुपारी लेकर आकाश ठाकुर ने कार से जा रहे डॉक्टर पर गोली चलाई थी। तब लकी लभेड़ा आकाश की बाइक चला रहा था। आकाश और लकी गहरे दोस्त हैं और रितिक आदि के साथ मिलकर अपराध करते हैं। दोनों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो चुकी है। कुछ महीने पहले ही दोनों जेल से छूटे हैं।