बरेली। शहर में पंद्रह स्थानों पर 5.97 करोड़ रुपये खर्च करके फरवरी में स्मार्ट टॉयलेट बनाए गए। इन पर ताले पड़े हैं। इस कारण लोग खुले में जाने के लिए मजबूर है। सार्वजनिक सुविधाओं का ऐसा हाल होगा तो आम जनता स्वच्छता के नियमों का पालन कैसे कर पाएगी। यही सवाल शहर के लोग प्रमुखता से उठा रहे हैं।
बरेली कॉलेज बरेली के द्वार पर बनाए गए स्मार्ट टॉयलेट पर ताले लगे हैं। कॉलेज से बाहर आने वाले विद्यार्थियों को असुविधा होती है। सड़क के दूसरी साइड के शौचालय पर जाना पड़ता है। ट्रैफिक रहता है। टॉयलेट चालू हो जाएं तो लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। कैंट में कमजोर वर्ग के इलाके में वर्षों पुराना शौचालय जर्जर और गंदा पड़ा रहता है। इसके ठीक बगल में स्मार्ट टॉयलेट बनाया गया, लेकिन यह भी बंद पड़ा है।
टॉयलेट बनकर तैयार हैं। संंबंधित ठेकेदार से बात करके जल्द ही इन्हें शुरू कराया जाएगा। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त
लोगों की बात
पिंक वेडिंग जोन शुरू होने से पहले स्मार्ट टॉयलेट चालू कर दिया जाए। इस बारे में अधिकारियों को भी अवगत कराया है। - रीना रस्तोगी, वमनपुरी
सार्वजनिक स्थलों पर जब स्मार्ट टॉयलेट बनाए जा रहे थे तब बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन अब कई महीनों से बंद पड़े हैं। - शिवानी, सुभाषनगर
जब जनता की जरूरत को ध्यान में रखकर निर्माण कराया गया तो इस्तेमाल के लिए ताला खोलने में देरी क्यों है। - अमित कुमार, छात्र
मैं तो यही देखता हूं कि जरूरत के वक्त विद्यार्थी भटकते है। अगर स्मार्ट शौचालय चालू हो जाएं तो बड़ी सहूलियत मिलेगी। - निर्वेश कुमार, दुकानदार