शराफत अली ने कहा कि दूसरे समुदाय के स्थानीय लोग हमारे भाई हैं और बरसों से हम साथ रह रहे हैं। कुछ बाहरी लोग यहां आकर माहौल बिगाड़ते हैं। पिछली बार हवाई फायरिंग करने वाले भी बाहरी लोग थे। धार्मिक कार्यक्रमों के लिए दोनों पक्ष के लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करना होगा।
पहले ऐसा नहीं था माहौल
पप्पू मौर्य ने कहा कि कांवड़ यात्रा रोकने की वजह से हमारे पक्ष के लोगों ने अंजुमन जुलूस रोका। हम चाहते हैं कि दूसरे पक्ष के लोग अपने जुलूस में चाहें हाथी-घोड़े ले जाएं, पर हमें कांवड़ यात्रा से न रोकें। वृद्ध माया ने बताया कि हर साल विवाद बढ़ रहा है, पहले ऐसा नहीं था।