सिंचाई विभाग आरआरआर योजना के तहत लीलौर झील का सौंदर्यीकरण करा रहा है। शुक्रवार देर शाम तक झील में खुदाई चली। शनिवार सुबह लोगाें को झील परिसर में हुई खुदाई से सामने आई लगभग तीन फीट लंबाई की ईंटाें से बनी दीवार और एक कमरे की आकृति दिखाई दी। इसकी खबर फैलते ही आसपास के लोग यहां इकट्ठे होने लगे। लापरवाही से हुई खुदाई से प्राचीन भवन की दीवार क्षतिग्रस्त भी हो गई। जानकार लोगाें का मानना है कि यह दीवार महाभारतकालीन हो सकती है या राजा नीरध्वज द्वारा बनवाए गए भवन की हो सकती है। हालांकि यहां खुदाई करा रहे जिम्मेदार स्टाफ ने खुदाई में प्राचीन भवन सामने आने की जानकारी न पुरातत्व विभाग को दी, न अपने उच्च अधिकारियों को। झील की खुदाई में 12 फीट लंबा एक कंकाल निकलने की भी चर्चा होती रही। हालांकि किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की। जेई प्रेमकुमार टमटा ने खुदाई में कोई भी वस्तु निकलने की पुष्टि नहीं की। अधिशासी अभियंता आरबी यादव ने जरूर बताया कि खुदाई के दौरान मिले ऐतिहासिक साक्ष्याें की छानबीन कराई जा रही है।