बरेली। बहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव सकरस में हाईटेंशन लाइन टूटने से शुक्रवार को मां-बेटी की मौत के बाद ऐसे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं, जहां बस्तियों के ऊपर से लाइनें गुजर रही हैं। शहर से लेकर गांव तक तमाम घनी बस्तियों से गुजर रहीं हाईटेंशन लाइनों से जान को खतरा है। दूसरी ओर विद्युत निगम के जिम्मेदार नियमों का पाठ पढ़ा रहे हैं। हालांकि, अधिकारी शहर में बस्तियों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजरने की बात से इन्कार कर रहे हैं। अफसरों की अनदेखी के चलते एचटी लाइन के नीचे बस्तियां आबाद हो गईं।
अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार हाईटेंशन लाइनों के नीचे निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन जिले में लाइनों के नीचे निर्माण होते रहे हैं। जिम्मेदारों का ध्यान निर्माण रोकने के नाम पर सिर्फ नोटिसों तक गया। अब यह बस्तियां विकसित हो चुकी हैं। हजारों की संख्या में लोग एचटी लाइनों के नीचे बने मकानों में रह रहे हैं। अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि लाइनें शिफ्ट करना आसान नहीं है।
विभागीय नियमानुसार लाइनों को शिफ्ट नहीं किया जा सकता। अगर लाइन को शिफ्ट कराना है तो संबंधित लोगों को ही आने वाले खर्च का भुगतान लेने का प्रावधान है। इसके बाद भी मानव सुरक्षा को देखते हुए उपाय किए जा रहे हैं। संवाद
एक से लगेगा शिव तेरस मेला, ऊपर गुजर रही एचटी लाइन
सिरौली के गांव गुलड़िया में गौरीशंकर मेन मार्केट के ऊपर से होकर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। यह लाइन गौरीशंकर मंदिर के सामने है। यहां एक अगस्त से शिव तेरस मेला का आयोजन भी होना है। नीचे मेला और ऊपर हाईटेंशन लाइन से यहां भी खतरा है। संवाद
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गंगवार कॉलोनी के घरों के ऊपर से गुजर रहीं हाईटेंशन लाइनें
नवाबगंज की गंगवार कॉलोनी के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही हैं। कस्बे में पश्चिमी नई बस्ती पर भी एचटी लाइन का खतरा मंडरा रहा है। गंगवार कॉलोनी में तो नीरज शुक्ला के घर के अंदर एच लाइन का पोल लगा हुआ है। संवाद
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मीरगंज की टीचर्स कॉलोनी में भी खतरा
मीरगंज की टीचर्स कॉलोनी के ऊपर से भी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। नीचे घनी बस्ती है। कुछ स्थानों पर लाइन नीचे भी आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइन को लेकर उपकेंद्र में शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। संवाद