26 अक्तूबर 2021 की शाम को इकबाल व उसके साथियों ने निशा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। लाश को रस्सी से बांधकर पंखे में लटका दिया। मां की हत्या करते देखकर निशा की बेटियां रोने लगीं। उनके रोने की आवाज सुनकर उनके पिता अभियुक्त डॉ इकबाल ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया और साथियों के साथ फरार हो गया था।
दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया
विवेचना के बाद अभियुक्त डॉ इकबाल , मो यासीन व मिसरयार के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया। दौरान गवाही अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने कुल सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त इकबाल, यासीन व मिसरयार को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा तीनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।