सरकारी वकील ने किया अर्जी का विरोध
सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्तों की ओर से ऐसी ही अर्जी तब भी दी गई थी, जब इन लोगों के खिलाफ कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किए थे। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्तों की ओर से दाखिल किए गए कागजात से इस बात का पता नहीं लगता कि उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट की ओर से जारी स्थगन आदेश आज भी प्रभावी है कि नहीं। कोर्ट ने अभियुक्तों की ओर से दी गई अर्जी खारिज कर दी।
यह है मामला
डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर लुईस खुर्शीद और ट्रस्ट के सचिव अतहर फारूकी के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन आदि के आरोप में मामला विचाराधीन है। दोनों अभियुक्त अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। दोनों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया था।