बरेली। दिहाड़ी मजदूरों और नशेड़ियों के खून का सौदा करने का आरोपी कल्याण यादव दिल्ली में अपना खून बेच चुका है। वहीं मिले आइडिया को वह मजदूरों और नशेड़ियों पर आजमा रहा था। ब्लड बैंक कर्मचारियों से उसके कनेक्शन की चार दिनों से जांच की जा रही थी, जिसकी पुष्टि नहीं हो सकी। कोतवाली में एसआई राहुल शर्मा की ओर से मामला दर्ज कर कल्याण यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शाहजहांपुर के खुदागंज निवासी विजयपाल की पत्नी कुछ दिन पहले निजी अस्पताल में भर्ती थीं। उनको खून की जरूरत पड़ने पर विजयपाल आईएमए ब्लडबैंक पहुंचे थे। विजयपाल का हीमोग्लोबिन कम होने पर उनका खून लेने से मना कर दिया गया। विजय ब्लड बैंक से बाहर निकले तो भमोरा थाना क्षेत्र के रुद्रपुर गांव निवासी कल्याण ने उन्हें रोक लिया। उसने चार हजार रुपये लेकर रक्तदान के लिए एक व्यक्ति को विजयपाल के साथ ब्लड बैंक में भेज दिया।
ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने पूछताछ की तो पता चला कि ब्लड बैंक के बाहर खड़े होकर कल्याण यादव मजदूरों और नशेड़ियों के खून का सौदा करता है। कल्याण मजदूरों के अड्डे और रेलवे स्टेशन, पार्क आदि से श्रमिकों और नशेड़ियों को पकड़कर लाता है और उनको खून निकलवाने के बदले एक-दो हजार रुपये देता है। कल्याण मरीज के तीमारदारों से चार से पांच हजार रुपये तक ऐंठकर अपना कमीशन रख लेता है।
कल्याण यादव ने दिल्ली में खून का सौदा करने वाले एजेंटों को देखकर काम सीखा था। नौकरी नहीं लगी तो बरेली आकर खून की सौदेबाजी करने लगा। कई बार सौदा तय कर उसने अपना खून भी बेचा। कल्याण नशेड़ियों को मरीज का रिश्तेदार बताकर डोनर के रूप में भेज देता था। नशेड़ियों के संक्रमित होने का खतरा रहता है। इससे मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती है। हालांकि, ब्लड बैंक कर्मी खून निकालने से पहले डोनर के खून की जांच करते हैं।
कल्याण यादव को खून का सौदा करने के आरोप में जेल भेजा गया है। उसके नेटवर्क या अन्य साथियों के बारे में जानकारी की जा रही है। कोई और आरोपी मिलेगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - पंकज श्रीवास्तव, सीओ प्रथम बरेली