बरेली। सुबह से खामोश अजय गुप्ता के परिजनों पर शाम को ससुरालवालों ने निशाना साधा तो उन्होंंने भी हत्या का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। इस वजह से चार घंटे शव का अंतिम संस्कार रुका रहा। पुलिस ने तहरीर मांगी तो परिजनों ने सुबह देने की बात कहकर अंतिम संस्कार कर दिया।
अजय समेत पांचों मृतकों के शव शाम करीब पांच बजे घर लाए गए। इससे पहले अजय के पिता व परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुके थे। इसी बीच भमोरा के राजूपुर गांव से आए अजय के ससुरालवालों ने विरोध किया कि यह हत्या का मामला है। इसमें उन्हें सीबीआई जांच करानी है। इन लोगों ने अजय के पिता व भाई को ही कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया। कहा कि दो साल पहले ही अजय का अपने भाई से विवाद हुआ था। आशंका जताई कि उन लोगों की भी घटना में साजिश हो सकती है।
ऐसी स्थिति में अजय के पिता सुरेश बाबू ने भी पुलिस से कहा कि उन्हें हत्या का शक है। वह चाहते हैं कि सीबीआई या किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए। अजय छोटे घर की वजह से अलग रह रहा था। उनके परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं था। तब इंस्पेक्टर ने इन लोगों को समझाया कि वह पहले रिपोर्ट दर्ज कराएं, इसके बाद शासन स्तर से सीबीआई या किसी अन्य जांच की मांग कर सकते हैं। करीब चार घंटे तक तकरार और मान मनौव्वल के बाद दोनों पक्ष अंतिम संस्कार को मान गए। रात नौ बजे अंत्येष्टि शुरू हो सकी। साढ़े दस बजे तक एसपी देहात और सीओ फरीदपुर मौके पर रहे।
वर्जन
- घटना में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से लेकर स्थलीय जांच तक अग्निकांड से मौत के साक्ष्य मिले हैं। परिजनों ने कोई दुश्मनी नहीं बताई है न किसी पर संदेह जताया है। बाइकों के पेट्रोल पाइप काटने का शिगूफा भी शाम को छेड़ा गया है। परिवार से कहा गया है कि वह जो भी रिपोर्ट कराना चाहें, तहरीर दे दें, उसी के मुताबिक रिपोर्ट लिख ली जाएगी। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी देहात