मीरगंज। जमीन पर भूमाफियाओं के कब्जे से परेशान होकर थाना क्षेत्र के गांव मनकरी निवासी युवक ने सोमवार को तहसील परिसर में पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस पर तहसील प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवक जमीन से अवैध कब्जा न हटाने तक उतरने को तैयार नहीं हुआ। डेढ़ घंटे बाद उसे समझाकर नीचे उतारा गया, तब तहसील प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मनकरी निवासी हिमांशु शंखधार ने बताया कि उनके गांव में कुछ दबंग लोगों ने दर्जनभर किसानों की तीन सौ बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। पिछले चार साल से कब्जे को लेकर वह और अन्य किसान मुख्यमंत्री के जनता दरबार, डीएम, कमिश्नर, तहसील दिवस आदि में शिकायतें करते चले आ रहे हैं, लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन कब्जा नहीं दिला सका है।
इसके लिए किसानों ने तहसील परिसर में भूख-हड़ताल एवं अनशन भी किया, लेकिन कोरा आश्वासन मिलता रहा। इसी बात से नाराज होकर हिमांशु शंखधार सोमवार को तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर सुबह नौ बजे चढ़ गए, जबकि अन्य किसान नीचे थे। वह न्याय न मिलने पर कूदकर आत्महत्या करने की धमकी देने लगे। सूचना पर नायब तहसीलदार नम्रता मिश्रा, तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा, प्रभारी निरीक्षक मीरगंज कुंवर बहादुर सिंह अपने अधीनस्थों के साथ मौके पर पहुंचकर काफी समझाया, लेकिन युवक नीचे नहीं उतरा। डेढ़ घंटे बाद तहसीलदार ने उसके गांव के एक युवक को भेजा, जो समझाकर उसे नीचे उतार ले आया।
एसडीएम ने दिए निर्देश
उपजिलाधिकारी मीरगंज देशदीपक सिंह ने आनन फानन में नायब तहसीलदार नम्रता मिश्रा के नेतृत्व में कानूनगो और चार लेखपालों की टीम को गांव मनकरी भेजा, जहां जमीन का पैमाइश कराकर कब्जा दिलाने को कहा गया।