घर में गमलों की देखरेख करती महिला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
लॉकडाउन में मालियों को हटाकर खुद कर रहे पौधों की देखभाल
बरेली। कोरोना संक्रमण ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। मध्यम और उच्च वर्ग के लोग घरों में ही घरेलू कामकाज, बागवानी और अन्य कामों में व्यस्त हो गए हैं। खासतौर से युवा वर्ग बागवानी में खासी दिलचस्पी ले रहा है। जो नौजवान कभी पौधों में पानी तक नहीं लगाते थे, वे अब निराई-गुड़ाई तक कर रहे हैं। जिन घरों में माली आते थे, उन्हें कोरोना संक्रमण के चलते मना कर दिया गया है। अब सारा काम घर के युवा कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ परिवारों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि दिन का पता ही नहीं चलता, कब बीत गया। पत्नी और बच्चों के साथ पेड़ों और घरेलू कामकाज में ही सारा वक्त गुजर जाता है। काफी समय से सैरसपाटा, मनोरंजन नहीं किया और न ही किटी पार्टी हो पा रही है। सामान्य दिनों में शाम होते ही कहीं न कहीं पार्टी करते थे, अब घर पर ही रहकर बागवानी में समय गुजार रहे हैं।
रामपुर बाग निवासी सत्यम अग्रवाल कारोबारी हैं। कोरोना कॉल में उनका कामकाज अस्त व्यस्त हो गया है। काफी समय से बाहर जाना भी नहीं हुआ है। ज्यादातर समय घर में ही बिता रहे हैं। ऑनलाइन कामकाज के साथ पत्नी कविता के साथ अपने लॉन में पेड़-पौधों की देखभाल में जुटे रहते हैं। ऐसे में वक्त का पता ही नहीं चलता। उन्होंने बताया कि कभी सोचा भी नहीं था कि बागवानी से इतना सुकून मिलता है। कविता ने बताया कि किटी पार्टियों से ज्यादा अच्छा पौधों की सेवा करके लग रहा है।
राजेंद्रनगर निवासी विनय कुमार ने बताया कि उन्हें बागवानी का शौक पहले से है। उन्होंने अपने घर को खास पेड़-पौधों से सजाया है, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि कोरोना काल में इतना समय मिल जाएगा कि वे खुद पेड़-पौधों की सेवा भी कर पाएंगे। उन्होंने बताया अब तक माली काम करता था, लेकिन अब वह खुद पत्नी प्रियंका और अन्य परिवार के अन्य सदस्यों के साथ लॉन में समय बिताते हैं। उन्होंने बताया सैर सपाटा तो बंद ही कर दिया है।
भरतौल निवासी वीना पांडे कोचिंग करती हैं। इन दिनों कोरोना काल में कोचिंग, स्कूल सब बंद है। ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है, इसलिए घर पर ज्यादा समय मिल जाता है। उन्होंने बताया कि घर में तमाम किस्म के पेड़-पौधे लगे हैं। पहले माली काम करता था, लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने पर उसे मना कर दिया। गया है। अब सारा काम वह खुद ही संभाल रही हैं, इससे उन्हें काफी सुकून भी मिलता है।