लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा की तपिश बृहस्पतिवार को एक बार फिर महसूस की गई। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जुटे 31 किसान संगठनों के सदस्यों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। राकेश टिकैत ने कहा कि पीड़ित किसानों को अभी तक उनका हक नहीं मिल पाया है।
धरना स्थल पर एक ही सुर गूंजता रहा कि तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र के पिता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त किया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पीड़ितों के तहरीर देने के बाद भी मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है। हिंसा के बाद समझौते को लेकर सरकार ने जो वादे किये थे, उनमें से कोई भी वादे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं मांगों को लेकर सभी किसानों ने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन शुरू किया है, जो कि 21 अगस्त तक चलेगा। भले ही उनका धरना 21 अगस्त को खत्म हो जाए लेकिन आंदोलन न खत्म हुआ है और न होगा। जब तक मंत्री टेनी की बर्खास्तगी नहीं हो जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने जेल में बंद चार किसानों को निर्दोष बताते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की। कहा कि जिन जिन किसानों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उन पर से मुकदमा वापस लेने की मांग की। अन्य वक्ताओं ने कहा कि हत्या के साजिशकर्ता का सरकार में बने रहना शर्मनाक है जबकि जेल में बंद किसानों को फंसाया गया है।
धरनास्थल पहुंचकर राकेश टिकैत पहले आम किसानों के बीच जमीन पर ही बैठ गए। इसके कुछ देर बाद मंच पर पहुंचे तो तिकुनिया हिंसा में मारे गए किसानों की आत्मा की शांति के लिए मंच पर बैठे सभी किसान नेता व नीचे जुटे किसानों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा।
धरना स्थल पर हुई सभा को दिल्ली से सामाजिक कार्यकर्ता स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव, नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख नेता मेधा पाटकर, कीर्ति किसान संगठन के नेता डॉ. दर्शनपाल सिंह, ऑल इंडिया किसान मजदूर संघ के डॉ. आशीष मित्तल, तराई किसान संगठन के तेजेंदर सिंह विर्क, रणजीत सिंह राजू आदि ने संबोधित किया।
धरनास्थल पर मौजूद योगेंद्र यादव- फोटो : LAKHIMPUR