फरीदपुर। आजाद की हत्या करने वाले कोई गैर नहीं, उसके अपने ही थे। आजाद के पिता करीमुल्ला के मुताबिक आजाद के मामा हीरे खां और ममेरे भाई सुनियोजित तरीके से आजाद को घर से बुलाकर दूसरे गांव में ले गए और वहीं उसकी हत्या कर दी। शव दो किमी दूर ले जाकर फेंक दिया।
इधर, परिजन उसकी तलाश करते रहे। पिता के मुताबिक पुलिस ने रात 11 बजे आजाद के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कराई तो वह उसके गांव से तीन किमी दूर गांव जटौआ में आ रही थी। मंगलवार सुबह नौ बजे उसका शव रात में निकलवाई गई लोकेशन से करीब दो किमी दूर कलीनगला गांव के गन्ने के खेत में मिला। परिजनों का आरोप है कि उसकी दूसरी जगह हत्या कर कलीनगला में गन्ने के खेत में शव फेंका गया।
पुलिस के सामने ग्रामीण चर्चा कर रहे थे कि शव मिलने से पहले गांव के ही एक व्यक्ति ने हत्या करने वाले आरोपियों से कहा कि आजाद का पता नहीं चल रहा है। सोमवार शाम को वह उनके ही साथ देखा गया था। तब हीरे खां ने बताया कि आजाद का शव कलीनगला गांव में वीरपाल के गन्ने के खेत में पड़ा है। उस व्यक्ति को भरोसा नहीं हुआ। उसने आजाद के परिजनों से इसकी चर्चा की। आजाद के परिजन व ग्रामीण वीरपाल के खेत में पहुंचे तो शव वहीं पड़ा था।
जहां शव पड़ा था, वहां पुलिस को संघर्ष के निशान नहीं मिले। इससे अंदाजा लगाया गया कि कहीं और हत्या कर शव यहां फेंका गया है। फॉरेंसिक टीम को आजाद के चेहरे व गर्दन पर चोटों के निशान मिले। टीम के अनुसार किशोर ने खुद को बचाने के लिए काफी जद्दोजहद की होगी।