दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे। परमवीर सिंह की ओर से दर्ज मुकदमे में आगरा निवासी दो भाई वीरेंद्र पाठक और सुभाष पाठक भी आरोपी हैं। दोनों ही सुरेश पक्ष से जुड़े हैं और लखनऊ में एक कद्दावर नेता के रिश्तेदार हैं। करीब ढाई माह बीत जाने के बाद भी दोनों फरार हैं और सिफारिशें कराकर बचने की कोशिश में जुटे हैं।
पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने कोर्ट से 82 की कार्रवाई के तहत उनकी संपत्ति कुर्क करने की अनुमति ली है। इंस्पेक्टर दयाशंकर ने बताया कि दोनों आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के लिए पुलिस आगरा जाकर मुनादी करेगी। घर पर नोटिस चस्पा कर उन्हें 30 दिन का समय दिया जाएगा। इस अवधि में यह ये गिरफ्तार या कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनकी संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी।